Bhiwadi Fire Accident: राजस्थान के भिवाड़ी स्थित खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहाँ एक फैक्ट्री में भीषण आग लगने से कुल 7 मजदूरों की मौत हो गई, जिनमें से 5 मजदूर बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले के रहने वाले थे। इस घटना ने एक बार फिर पलायन और प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मोतिहारी के रहने वाले थे मृतक- Bhiwadi Fire Accident
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, मारे गए पांचों मजदूर बिहार के मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) जिले के अलग-अलग गांवों के थे। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:
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सूजंत सिंह (पिता: शिव पासवान)
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मिंटू (पिता: सिकंदर पासवान)
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अजित (पिता: सुरेंद्र पासवान)
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रवि (पिता: राजदेव) (पांचवें मृतक की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है)
DNA टेस्ट के बाद सौंपे जाएंगे पार्थिव शरीर- Bhiwadi Fire Accident
हादसा इतना भीषण था कि आग की चपेट में आए मजदूरों के शव पूरी तरह जलकर खाक हो गए हैं।
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पहचान का संकट: शवों की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने निर्णय लिया है कि परिवार वालों के साथ DNA मिलान के बाद ही अवशेषों को अंतिम संस्कार के लिए सौंपा जाएगा।
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परिजनों में कोहराम: मोतिहारी में मृतकों के गांवों में इस खबर के बाद से मातम पसरा हुआ है।
नीतीश सरकार की मदद और निर्देश
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों के लिए सहायता की घोषणा की है:
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अनुग्रह अनुदान: प्रत्येक मृतक के परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपये देने का निर्देश दिया गया है।
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शवों की वापसी: मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली स्थित स्थानिक आयुक्त (Resident Commissioner) को निर्देश दिया है कि वे राजस्थान सरकार के साथ समन्वय बनाकर मृतकों के पार्थिव शरीर को बिहार लाने की पूरी व्यवस्था करें।
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संवेदना: सीएम ने कहा कि यह हादसा अत्यंत दुखद है और सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।
घटना की जांच जारी
राजस्थान पुलिस और दमकल विभाग फैक्ट्री में आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं। प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट या केमिकल रिसाव को आग की वजह माना जा रहा है। फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों (Safety Norms) की अनदेखी की भी जांच की जा रही है।
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