Bihar News: 70 हजार करोड़ पहुंचेगा सैलरी का बजट

पटना | Bihar की नीतीश सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के अपने वादे को जिस रफ्तार से पूरा किया है, उसका सीधा असर अब राज्य के खजाने पर दिखने लगा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट आंकड़ों के अनुसार, सरकार आगामी वर्ष में सरकारी कर्मचारियों के वेतन पर 70,220 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। 20 साल पहले की तुलना में यह खर्च 13 गुना बढ़ चुका है।

Bihar News: 20 सालों में 13 गुना बढ़ा वेतन का बोझ

बिहार सरकार द्वारा विधानमंडल में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, वेतन मद में हुई बढ़ोतरी चौंकाने वाली है:

पेंशन का खर्च भी हुआ दोगुना

वेतन के साथ-साथ पेंशन के बोझ में भी बेतहाशा वृद्धि हुई है। वर्तमान बजट में पेंशन मद के लिए 35,170 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

दनादन भर्तियों से बढ़ी कर्मियों की फौज

वेतन और पेंशन के बजट में इस उछाल का मुख्य कारण राज्य में बड़े पैमाने पर की गई नियुक्तियां हैं:

  1. संख्या में वृद्धि: 20 साल पहले बिहार में सरकारी कर्मियों की संख्या करीब 3.5 लाख थी, जो अब बढ़कर लगभग 9.5 लाख हो गई है।

  2. हालिया नियुक्तियां: पिछले दो वर्षों में ही शिक्षा, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में 2 लाख से अधिक पदों पर बहाली की गई है।

  3. भविष्य का लक्ष्य: सरकार ने अगले 5 वर्षों में 10 लाख सरकारी नौकरियां और 1 करोड़ रोजगार देने का लक्ष्य रखा है, जिससे 2030 तक यह खर्च कई गुना और बढ़ने की संभावना है।

खजाने पर बढ़ता दबाव

भले ही नौकरियों से युवाओं में उत्साह है, लेकिन जानकारों का मानना है कि वेतन और पेंशन पर राजस्व का इतना बड़ा हिस्सा खर्च होने से विकास कार्यों (Developmental Projects) के लिए फंड जुटाना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।

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