पटना | Bill Gates: बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को वैश्विक मानकों (World Level) के अनुरूप ढालने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन (Gates Foundation) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
मुख्य सचिवालय में आयोजित इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे की उपस्थिति में इस साझेदारी को अंतिम रूप दिया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के सरकारी अस्पतालों में इलाज की सुविधाओं को आधुनिक, प्रभावी और विश्वस्तरीय बनाना है।
तकनीक और डेटा से सुधरेगा स्वास्थ्य ढांचा- Bill Gates
इस समझौते के तहत गेट्स फाउंडेशन बिहार सरकार को तकनीकी सहयोग और डेटा-आधारित नीति निर्माण में मदद करेगा। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि यह समझौता केवल कागजी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में दीर्घकालिक सुधार की एक ठोस नींव है।
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प्राथमिकताएं: इस साझेदारी में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (Maternal and Child Health), टीकाकरण (Vaccination), और डिजिटल हेल्थ सिस्टम पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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डिजिटल क्रांति: फाउंडेशन की मदद से राज्य में एक ऐसा डिजिटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा, जिससे मरीजों का डेटा सुरक्षित रहे और उन्हें कहीं भी इलाज कराने में आसानी हो।
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समानता: इस पहल का एक प्रमुख लक्ष्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच स्वास्थ्य सुविधाओं के अंतर को खत्म करना है, ताकि गाँव के व्यक्ति को इलाज के लिए बड़े शहरों की दौड़ न लगानी पड़े।
नीति संवाद और प्रभावी क्रियान्वयन- Bill Gates
कार्यक्रम के दौरान एक उच्चस्तरीय ‘नीति संवाद’ का भी आयोजन किया गया, जिसमें स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
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निगरानी प्रणाली: सरकार स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी (Monitoring) के लिए एक सख्त तंत्र विकसित कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि योजनाएं केवल फाइलों तक सीमित न रहें।
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जमीनी चुनौतियां: अधिकारियों ने राज्य में डॉक्टरों की उपलब्धता और बुनियादी ढांचे की चुनौतियों पर चर्चा की। गेट्स फाउंडेशन अपने वैश्विक अनुभव का लाभ बिहार को देगा ताकि इन समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जा सके।
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पारदर्शिता और प्रबंधन: समझौते के माध्यम से अस्पतालों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाने और सेवाओं की गुणवत्ता (Service Quality) में सुधार करने पर जोर दिया गया है।
विकसित बिहार का ‘जनहित केंद्रित’ हेल्थ मॉडल
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि सरकार राज्य की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए संकल्पित है। उन्होंने बताया कि गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से बिहार में एक ऐसा ‘जनहित केंद्रित स्वास्थ्य मॉडल’ विकसित किया जा रहा है, जो आने वाले समय में देश के अन्य राज्यों के लिए मिसाल बनेगा। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले कुछ वर्षों में बिहार की स्वास्थ्य रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हो।
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह समझौता राज्य के स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को समृद्ध करेगा। ग्रामीण स्तर पर ऐसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी कि गंभीर बीमारियों का शुरुआती उपचार और प्रबंधन स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सके। इससे न केवल बड़े अस्पतालों (जैसे PMCH, IGIMS) पर बोझ कम होगा, बल्कि गरीब मरीजों के समय और पैसे की भी बचत होगी।
बिल गेट्स की संस्था के साथ यह साझेदारी बिहार के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है। वैश्विक विशेषज्ञों का अनुभव और राज्य सरकार की इच्छाशक्ति मिलकर बिहार को एक स्वस्थ और समृद्ध प्रदेश बनाने की दिशा में अग्रसर है। अब देखना यह होगा कि इस MoU के तहत तय किए गए लक्ष्यों को जमीनी स्तर पर कितनी गति से उतारा जाता है।
