किरेन रिजिजू ने लॉन्च किया एआई-आधारित ‘NIGRANI App’

NIGRANI App: नालंदा विश्वविद्यालय में आयोजित केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के दो-दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर के समापन पर एक बड़ा डिजिटल बदलाव देखने को मिला।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) की पारदिर्शता बढ़ाने के लिए एआई (AI) आधारित ‘निगरानी ऐप’ और हज स्मार्ट रिस्ट बैंड सहित कई डिजिटल समाधान लॉन्च किए।

कैसे काम करेगा ‘NIGRANI App‘?

यह एक रियल टाइम गवर्नेंस मोबाइल एप्लीकेशन है जो अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में चल रही विकास योजनाओं (शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास) की सीधे सैटेलाइट से निगरानी करेगा।

NIGRANI App की मुख्य विशेषताएं

  1. त्वरित अलर्ट: निर्माण में देरी या खराब प्रदर्शन होने पर एआई सिस्टम संबंधित अधिकारियों को तुरंत ‘अलर्ट’ भेजेगा।

  2. ऑफलाइन मोड: दूरदराज के इलाकों या खराब नेटवर्क वाले क्षेत्रों में भी रिपोर्ट और तस्वीरें सेव की जा सकेंगी, जो नेटवर्क मिलते ही स्वतः अपलोड हो जाएंगी।

  3. भ्रष्टाचार पर लगाम: वास्तविक चित्रों और डिजिटल मॉनिटरिंग की अनिवार्यता से योजनाओं में हेरफेर की गुंजाइश खत्म होगी।

हज यात्रियों के लिए ‘स्मार्ट कलाई बैंड’ और चैटबॉट

मंत्रालय ने हज यात्रा को अधिक सुरक्षित और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए दो बड़ी सुविधाएं शुरू की हैं:

विकसित भारत के लिए समावेशी विकास

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि भारत के अल्पसंख्यक समुदायों (मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी) की कुल आबादी अमेरिका की जनसंख्या से भी अधिक है। 2047 के विकसित भारत के विजन को पूरा करने के लिए इन समुदायों का सर्वांगीण विकास अनिवार्य है।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने बताया कि एनएमडीएफसी के माध्यम से अब तक 26.93 लाख परिवारों को लाभान्वित किया जा चुका है। कार्यक्रम में बिहार के मंत्री जमा खान भी उपस्थित थे।


Tags: Kiren Rijiju, Minority Affairs Ministry, Nigrani App, PMJVK, AI in Governance, Haj Smart Band, Nalanda University, Hindi News

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