JPSC 14th Exam Case: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, CBI जांच की मांग पर केंद्र और झारखंड सरकार को नोटिस

14वीं JPSC परीक्षा में गड़बड़ी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CBI जांच की मांग पर केंद्र-झारखंड सरकार से जवाब तलब

14वीं JPSC परीक्षा में गड़बड़ी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CBI जांच की मांग पर केंद्र और झारखंड सरकार से जवाब तलब

Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और झारखंड सरकार समेत अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। अदालत ने मामले में जवाब मांगा है।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन की याचिका पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा ने मामले की जांच CBI या सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग रखी।

CJI ने कहा- मामले में फॉरेंसिक जांच की जरूरत पड़ सकती है

सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि यह मुख्य रूप से जांच का मामला है और इसमें फॉरेंसिक समेत तकनीकी जांच की जरूरत हो सकती है।

याचिका में 19 अप्रैल 2026 को आयोजित 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कर नए सिरे से परीक्षा कराने की मांग की गई है।

OMR शीट वायरल होने के बाद उठे सवाल

याचिका के मुताबिक, 2 जुलाई को परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद एक सफल अभ्यर्थी की OMR शीट की कार्बन कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी।

याचिकाकर्ता ने दावा किया कि संबंधित अभ्यर्थी ने पेपर-1 में 100 में से केवल 48 प्रश्नों के उत्तर दिए थे, इसके बावजूद उसे सफल घोषित किया गया। इसी आधार पर परीक्षा की मूल्यांकन प्रक्रिया और रिजल्ट को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

OMR से लेकर CCTV रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग

याचिका में परीक्षा प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच और ऑडिट कराने की मांग की गई है। इसमें खास तौर पर—

की जांच की मांग शामिल है।

इसके अलावा मूल OMR शीट, कार्बन कॉपी, प्रश्नपत्र, आंसर-की, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और परीक्षा से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश देने की मांग भी की गई है।

नए सुरक्षा इंतजाम के साथ दोबारा परीक्षा की मांग

याचिकाकर्ता ने कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच के साथ नए सुरक्षा प्रबंधों के तहत 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा दोबारा कराने की मांग की है।

यह मामला ऐसे समय में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है, जब झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर विवाद लगातार बढ़ रहा है।

22 परीक्षाओं के रद्द होने और हाईकोर्ट के स्टे का भी जिक्र

राज्य सरकार ने 18 अगस्त को 11वीं से 13वीं JPSC समेत कुल 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का आदेश जारी किया था। हालांकि, 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा रद्द करने के फैसले पर झारखंड हाईकोर्ट ने 20 अगस्त को अंतरिम रोक लगा दी थी।

इसके बाद JSSC-CGL से संबंधित नियुक्तियों को रद्द करने के सरकारी आदेश पर भी हाईकोर्ट ने रोक लगाई थी।

अन्य परीक्षाओं के अभ्यर्थी भी कोर्ट जाने की तैयारी में

राज्य सरकार की ओर से रद्द की गई अन्य भर्ती परीक्षाओं के अभ्यर्थी भी अब न्यायालय का रुख करने की तैयारी में हैं। CDPO समेत अन्य परीक्षाओं से जुड़े अभ्यर्थियों की ओर से भी कानूनी विकल्प तलाशे जा रहे हैं।

इस बीच उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा है कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन और आंदोलन करना लोकतांत्रिक अधिकार है। सरकार का कहना है कि छात्रों के आंदोलन को लेकर किसी तरह की अनावश्यक सख्ती नहीं की जाएगी।

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