भाजपा पर झामुमो का तीखा वार: “समर्पण नहीं, अब अवसरवाद हावी

स्थापना दिवस पर घिरी भाजपा, झामुमो ने उठाए बड़े सवाल

झारखंड की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थापना दिवस के मौके पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा अब अपनी मूल विचारधारा और जमीनी कार्यकर्ताओं से दूर होती जा रही है।

🗣️ “समर्पण की जगह अवसरवाद हावी”

रांची में जारी बयान में विनोद पांडेय ने कहा कि एक समय था जब भाजपा की ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता और जमीनी नेता हुआ करते थे, लेकिन अब वही लोग हाशिये पर चले गए हैं।
उनके मुताबिक, पार्टी में अब समर्पण की जगह अवसरवाद और संगठन की जगह केंद्रीकरण हावी हो गया है।

⚖️ “बाहरी नेताओं को मिल रहा ज्यादा महत्व”

झामुमो नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा में अब विचारधारा से ज्यादा बाहरी चेहरों का प्रभाव बढ़ गया है। बाहर से आए नेताओं को अहम पद दिए जा रहे हैं, जबकि वर्षों तक पार्टी को खड़ा करने वाले पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने इसे पार्टी की सोच में बड़े बदलाव का संकेत बताया।

🏛️ आंतरिक लोकतंत्र पर उठाए सवाल

विनोद पांडेय ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की असली ताकत उसके कार्यकर्ता, सिद्धांत और आंतरिक लोकतांत्रिक व्यवस्था होती है।
लेकिन वर्तमान में भाजपा के अंदर केंद्रीकरण बढ़ने और आंतरिक लोकतंत्र कमजोर होने की तस्वीर सामने आ रही है।

📊 विकास के दावों पर भी निशाना

झामुमो ने भाजपा के विकास संबंधी दावों पर भी सवाल उठाए। पांडेय ने कहा कि पार्टी के भाषणों में आत्मप्रशंसा ज्यादा है, जबकि जमीनी सच्चाई अलग है।
उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों पर भाजपा को घेरा और कहा कि इन मामलों में सरकार पूरी तरह विफल रही है।


👉 कुल मिलाकर, भाजपा के स्थापना दिवस के मौके पर झामुमो का यह बयान झारखंड की राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकता है।

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