Ranchi: Jharkhand Mukti Morcha (JMM) ने एक बार फिर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री Narendra Modi पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के केंद्रीय महासचिव Supriyo Bhattacharya ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देश की आर्थिक स्थिति, सामाजिक माहौल और पश्चिम बंगाल की हालिया घटनाओं को लेकर बीजेपी सरकार को घेरा।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश की आर्थिक स्थिति लगातार खराब हुई है, लेकिन केंद्र सरकार इसे छुपाने में लगी हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री की हालिया विदेश यात्राओं का जिक्र करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए केवल प्रचार और राजनीतिक बयानबाजी पर फोकस कर रही है।
बंगाल की स्थिति और सामाजिक माहौल पर भी उठाए सवाल: JMM
JMM नेता ने पश्चिम बंगाल की हालिया परिस्थितियों और कथित प्रतिबंधों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वहां विरोध प्रदर्शन तक मुश्किल बना दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बकरीद के दौरान झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में भी माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि समाज में आपसी विश्वास कमजोर किया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।
किसान आंदोलन और “आंदोलनजीवी” बयान पर हमला: JMM
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने किसान आंदोलन का भी जिक्र किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “आंदोलनजीवी” वाले बयान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आंदोलन करने वालों को “parasite” यानी समाज का खून चूसने वाला बताना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उनके मुताबिक किसी भी लोकतंत्र में विरोध और आंदोलन जनता का संवैधानिक अधिकार होता है।
“कॉकरोच” विवाद पर भी प्रतिक्रिया
सुप्रियो भट्टाचार्य ने हाल के “कॉकरोच” शब्द विवाद और न्यायपालिका से जुड़े बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुख्य न्यायाधीश की सफाई के बाद भी इस तरह की भाषा सार्वजनिक विमर्श के गिरते स्तर को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और सामाजिक संवाद में मर्यादा बनाए रखना जरूरी है और लोकतंत्र में असहमति का सम्मान होना चाहिए।


