महिला दिवस से पहले झारखंड में अंधविश्वास की घटना: ‘भूत सवार’ बताकर युवती को रस्सी से बांधा
नोवामुंडी (पश्चिमी सिंहभूम): महिला दिवस की पूर्व संध्या पर झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले से अंधविश्वास से जुड़ी एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। नोवामुंडी क्षेत्र के तोड़े टोपा गांव में एक युवती को “भूत सवार” होने का दावा करते हुए उसके ही भाई और भाभी ने कपड़े की रस्सी से बांध दिया और झाड़-फूंक कराने के लिए ले जाने की तैयारी करने लगे।
यह घटना शनिवार रात करीब 9 बजे की बताई जा रही है। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में अंधविश्वास और जागरूकता की कमी को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
परिजनों का दावा: युवती पर सवार है ‘भूत’
जानकारी के अनुसार युवती के भाई-भाभी का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से युवती के व्यवहार में अचानक बदलाव आ गया था।
परिजनों का दावा है कि कुछ दिन पहले झिकपानी क्षेत्र में एक युवक की मौत हुई थी, और उन्हें शक है कि उसी युवक की आत्मा युवती पर सवार हो गई है। इसी डर और अंधविश्वास के कारण युवती को रस्सी से बांधकर रखा गया था।
भाई ने कहा- भागने से रोकने के लिए बांधा
इस संबंध में युवती के भाई ने बताया कि उसकी बहन बार-बार इधर-उधर भागने लगती थी और अजीब तरह का व्यवहार कर रही थी।
उसने कहा कि इसी वजह से उसे कमर में कपड़े की रस्सी से बांध दिया गया, ताकि वह भाग न सके। परिवार का कहना है कि वे युवती को झाड़-फूंक कराने के लिए ले जा रहे थे, जिससे उसकी स्थिति ठीक हो सके।
घटना से अंधविश्वास पर उठे सवाल
इस घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। कई लोगों का कहना है कि आज के आधुनिक दौर में भी समाज के कुछ हिस्सों में अंधविश्वास की जड़ें गहरी हैं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसी स्थिति में डॉक्टर से इलाज और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लेना ज्यादा जरूरी होता है, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण कई लोग अभी भी झाड़-फूंक जैसे तरीकों का सहारा लेते हैं।
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में वैज्ञानिक सोच और जागरूकता बढ़ाने की जरूरत को भी उजागर करती है।
