Jharkhand Cabinet का बड़ा फैसला, पदक विजेता खिलाड़ियों को अब मिलेगी मासिक पेंशन, 27 प्रस्तावों पर मुहर
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Jharkhand Cabinet: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में 27 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इस बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण राज्य के खिलाड़ियों के लिए ‘पेंशन योजना’ का पुनर्गठन रहा। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ियों के लिए भविष्य सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
खिलाड़ियों के लिए पेंशन का नया ढांचा
कैबिनेट ने मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को दी जाने वाली पेंशन राशि और श्रेणियों को नए सिरे से तय किया है:
ओलंपिक एवं खेल रत्न: राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड और ओलंपिक पदक विजेताओं को ₹20,000 मासिक पेंशन दी जाएगी।
विश्व कप व अन्य प्रतियोगिताएं: वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स और सैफ गेम्स के विजेताओं को उनकी श्रेणियों के आधार पर पेंशन मिलेगी।
नेशनल गेम्स: राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेताओं को ₹5,000 मासिक पेंशन देने का प्रावधान किया गया है।
कुल दायरा: पेंशन की राशि क्रमानुसार ₹5,000 से लेकर ₹20,000 तक निर्धारित की गई है।
जेपीएससी (JPSC) उम्र सीमा पर पेंच फंसा
प्रोजेक्ट भवन में हुई इस बैठक में युवाओं की नजरें 14वीं जेपीएससी परीक्षा की उम्र सीमा में छूट पर टिकी थीं, लेकिन इस प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। कार्मिक विभाग ने कट-ऑफ डेट अगस्त 2023 रखने का प्रस्ताव दिया था, जबकि छात्र अगस्त 2018 की मांग कर रहे हैं। शीर्ष स्तर पर उम्र सीमा की छूट के वर्षों को लेकर असहमति के कारण मुख्यमंत्री ने इस पर फिर से विचार करने का निर्देश दिया है।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
विश्वविद्यालय पदों का पुनर्गठन: सिदो-कान्हू, कोल्हान और विनोबा भावे विश्वविद्यालय में शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के पदों को पुनर्गठित किया गया है।
सी-डैक (C-DAC) को विस्तार: पेयजल स्वच्छता और जल संसाधन विभाग को तकनीकी सहायता देने वाली कंपनी सी-डैक की सेवाओं का विस्तार किया गया है।
पदों का प्रत्यर्पण: जल संसाधन विभाग के तृतीय एवं चतुर्थ वर्गीय कर्मियों के 2,727 पदों को कार्मिक विभाग को प्रत्यर्पित किया गया है।
कोर्ट के आदेशों का पालन: पिछले दिनों अदालत द्वारा दिए गए विभिन्न आदेशों के आलोक में तैयार प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
नोट: निकाय चुनाव के कारण प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू है, इसलिए कैबिनेट के निर्णयों की कोई आधिकारिक प्रेस ब्रीफिंग नहीं की गई।