बजट 2026-27, बिहार बनेगा ‘विकसित भारत’ का नया ग्रोथ इंजन- Kiren Rijiju

पटना: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने शनिवार को पटना में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान केंद्रीय बजट 2026-27 के दूरगामी प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन में बिहार एक केंद्रीय स्तंभ की भूमिका निभाएगा। सरकार का लक्ष्य बिहार की आर्थिक और बुनियादी स्थिति को इस प्रकार सुदृढ़ करना है कि वह पूरे देश के विकास को गति देने वाला एक प्रमुख शक्ति केंद्र बनकर उभरे।

 

बाढ़ नियंत्रण के लिए केंद्र की अभूतपूर्व वित्तीय प्रतिबद्धता

बिहार की भौगोलिक चुनौतियों को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार ने इस बार बाढ़ नियंत्रण के लिए पूर्ण वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया है। किरेन रिजिजू ने खुलासा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट तौर पर बिहार की आपदा प्रबंधन जरूरतों को शीर्ष प्राथमिकता दी है। नेपाल से आने वाली नदियों के कारण राज्य को होने वाले सालाना नुकसान को रोकने के लिए बुनियादी ढांचे पर भारी निवेश किया जाएगा, ताकि बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके और कृषि व जीवन को सुरक्षा मिल सके।

 

छोटे शहरों का कायाकल्प और शहरीकरण की नई दिशा

बजट में बिहार के टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए एक विशेष रोडमैप तैयार किया गया है। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में छोटे शहरों की सघनता को देखते हुए, इन्हें भविष्य के बड़े आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित करने की योजना है। कुल ₹12.50 लाख करोड़ के बुनियादी ढांचा बजट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बिहार की सड़कों, पुलों और आधुनिक शहरी सुविधाओं के निर्माण पर खर्च किया जाएगा, जिससे इन शहरों का पूरी तरह से कायाकल्प होगा।

 

औद्योगिक विकास और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर

बिहार की युवा शक्ति को आर्थिक धारा से जोड़ने के लिए MSME और स्टार्टअप ईको-सिस्टम को सरल बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। कागजी प्रक्रियाओं के झंझट को कम करके छोटे कारोबारियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि राज्य में उद्यमिता का माहौल बन सके। इसके अतिरिक्त, डोभी डिफेंस कॉरिडोर और नए रेल कॉरिडोर जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स बिहार की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार के लाखों नए अवसर सृजित होंगे।

 

पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय पहचान

बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संपदा को आर्थिक लाभ में बदलने के लिए बौद्ध सर्किट और अन्य विरासत स्थलों के विकास हेतु बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देकर सरकार न केवल राज्य की गौरवशाली संस्कृति को विश्व पटल पर लाना चाहती है, बल्कि इसके माध्यम से स्थानीय स्तर पर सेवा क्षेत्र (Service Sector) को भी मजबूती प्रदान करना चाहती है। इन समग्र प्रयासों से बिहार आने वाले समय में केवल एक लाभार्थी राज्य नहीं, बल्कि भारत की प्रगति का नेतृत्व करने वाला राज्य बनेगा।

 

 

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