Jharkhand में ‘ग्राम गणराज्य’: पेसा एक्ट लागू, अब गांव की मर्जी से चलेगी सरकार
ग्राम सभा: अब केवल बैठक नहीं, एक शक्तिशाली निकाय
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Jharkhand सरकार द्वारा जारी नियमावली के अनुसार, ग्राम सभाओं को अब असीमित अधिकार दिए गए हैं। अब राजस्व ग्राम की भूमिका के साथ-साथ गांवों के स्थानीय विवादों का निपटारा भी ग्राम सभा के भीतर ही होगा।
Jharkhand News: बैठक के कड़े नियम:
अनिवार्यता: हर महीने कम से कम एक बैठक होनी आवश्यक है।
विशेष बैठक: कुल सदस्यों के 1/10 या 50 सदस्य (जो भी कम हो) लिखित मांग करके 7 दिनों के भीतर बैठक बुला सकते हैं।
अध्यक्षता: पारंपरिक ग्राम प्रधान या उनके द्वारा नामित व्यक्ति बैठक का संचालन करेंगे।
निर्णय: सभी महत्वपूर्ण फैसले सर्वसम्मति से लिए जाएंगे।
ग्राम सभा को मिले ‘सुपर पावर’ अधिकार
पेसा एक्ट के तहत ग्राम सभाओं को कई ऐसे अधिकार मिले हैं जो अब तक प्रशासनिक अधिकारियों या पुलिस के पास होते थे:
क्षेत्र
प्रमुख अधिकार
कानून और व्यवस्था
पुलिस को किसी भी गिरफ्तारी की जानकारी तुरंत ग्राम सभा को देनी होगी।
नशा नियंत्रण
ग्राम सभा की सहमति के बिना शराब का निर्माण, बिक्री या भंडारण प्रतिबंधित होगा।
संसाधन प्रबंधन
लघु वनोपज (जैसे महुआ, पत्ता आदि) का स्वामित्व, संग्रह और विपणन अब ग्राम सभा करेगी।
सामाजिक निगरानी
स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र और राशन (PDS) दुकानों की नियमित जांच का अधिकार।
श्रमिक सुरक्षा
बाल श्रम पर पूर्ण प्रतिबंध और प्रवासी मजदूरों का अनिवार्य पंजीकरण।
विकास योजनाएं
सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों का चयन और बजट का सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit)।
Jharkhand News: कैसे तय होंगी ग्राम सभा की सीमाएं?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक जिले के उपायुक्त (DC) एक विशेष टीम का गठन करेंगे। यह टीम पारंपरिक ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर गांव और टोलों की सीमाओं की पहचान करेगी। एक महीने तक सार्वजनिक आपत्तियां लेने के बाद, अगले तीन महीनों के भीतर आधिकारिक सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा।
जमीन और संसाधनों पर नियंत्रण
पेसा कानून का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा जमीन से जुड़ा है। अब भू-अर्जन (Land Acquisition), पुनर्स्थापन, लघु खनिजों के खनन और जल निकायों के प्रबंधन में ग्राम सभा की भूमिका अनिवार्य होगी। यदि गांव की जमीन किसी कारण से संक्रमित (Alienated) हुई है, तो उसे वापस दिलाने का अधिकार भी ग्राम सभा को दिया गया है।