Bihar: सरकारी बाबू सावधान! 9 जनवरी तक देना होगा अपनी संपत्ति का ब्योरा
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Bihar CM Nitish Kumar
पटना: Bihar सरकार ने प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री और मंत्रियों के बाद अब राज्य के सभी छोटे-बड़े अधिकारियों के लिए अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण सार्वजनिक करना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार ने इसके लिए 9 जनवरी 2026 की समय-सीमा (Deadline) तय की है।
महत्वपूर्ण समय-सीमा (Deadlines)
सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, संपत्ति के ब्योरे को लेकर पूरा शेड्यूल तैयार कर लिया गया है:
9 जनवरी 2026: संपत्ति का विवरण जमा करने की अंतिम तिथि।
15 जनवरी 2026: जमा किए गए डेटा को सॉफ्टवेयर में अपलोड करने की समय-सीमा।
15 मार्च 2026: सभी अधिकारियों को हस्ताक्षर के साथ भौतिक दस्तावेज (Documents) मिशन कार्यालय को सौंपने होंगे।
31 मार्च 2026: सभी अधिकारियों की संपत्ति का पूरा ब्योरा सरकारी वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दिया जाएगा।
कौन-कौन आएंगे इस दायरे में?
यह आदेश केवल बड़े अफसरों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें राज्य प्रशासन के लगभग सभी स्तरों को शामिल किया गया है:
IAS और IPS अधिकारी
समूह ‘क’ (Group A) से समूह ‘ग’ (Group C) तक के सभी अधिकारी
सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (DDO)
Bihar सरकार का कड़ा रुख
बिहार के सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारियों (DM) को पत्र भेजकर इस निर्देश का सख्ती से पालन करने को कहा है। निर्देश में स्पष्ट है कि साल 2025 के दौरान अर्जित की गई सभी संपत्तियों और देनदारियों का विवरण देना अनिवार्य होगा।
उद्देश्य: इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाना और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है, ताकि आम जनता यह जान सके कि लोक सेवकों के पास कितनी संपत्ति है।