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छात्र आंदोलन की आड़ में अराजकता पर 48 घंटे में कार्रवाई की मांग, मुख्य सचिव से मिले महागठबंधन नेता

महागठबंधन ने मुख्य सचिव से की मुलाकात, छात्र आंदोलन मामले में CID जांच तेज करने की मांग

छात्र आंदोलन पर महागठबंधन सख्त, 48 घंटे में कार्रवाई की मांग; मुख्य सचिव से मिलकर CID जांच तेज करने का आग्रह

Ranchi: छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों और हालिया छात्र आंदोलन को लेकर इंडिया गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को मुख्य सचिव से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस, राजद, झामुमो और माले के नेता शामिल रहे। नेताओं ने छात्र आंदोलन और छात्रों के नाम पर कथित तौर पर अराजकता फैलाने वाले तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

महागठबंधन के नेताओं ने मुख्य सचिव से आग्रह किया कि आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने कार्रवाई के लिए 48 घंटे की समयसीमा की मांग भी रखी।

छात्रों की मांगों पर सरकार ने की कार्रवाई- राजेश ठाकुर

प्रतिनिधिमंडल में शामिल कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने कहा कि छात्र आंदोलन के दौरान गठबंधन के लोग छात्रों के साथ खड़े थे। उनके अनुसार, छात्रों की मांगों पर सरकार ने गंभीरता से विचार किया और कई मुद्दों पर कार्रवाई भी की।

उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन समाप्त होने के बाद पूरे मामले को अलग दिशा देने और भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश की गई।

CID जांच में तेजी लाने की मांग

राजेश ठाकुर ने कहा कि आंदोलन से पहले ही CID ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी थी। उनके मुताबिक, पूर्व अध्यक्ष को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है और दो दर्जन से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि मामले में पूछताछ और जांच जारी है। साथ ही CGL से जुड़े मामले की जांच में भी तेजी लाने की मांग की गई।

मुख्य सचिव को सौंपे गए वीडियो फुटेज

महागठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं से संबंधित वीडियो फुटेज भी मुख्य सचिव को सौंपे। नेताओं का कहना है कि इन फुटेज के आधार पर आंदोलन में शामिल लोगों और कथित अराजक गतिविधियों में शामिल तत्वों की पहचान की जानी चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवालों के बीच निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

BJP से जुड़े लोगों पर माहौल बिगाड़ने का आरोप

महागठबंधन के नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन की आड़ में भाजपा के विभिन्न विंग से जुड़े लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। नेताओं के मुताबिक, सरकार को बदनाम करने के उद्देश्य से अराजकता फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है।

हालांकि, नेताओं ने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी छात्र की भूमिका कानून-व्यवस्था बिगाड़ने में सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

“छात्रों की मांगों के प्रति सहानुभूति”

झामुमो नेताओं ने कहा कि छात्रों के प्रति सरकार और गठबंधन की पूरी सहानुभूति है। छात्रों की जायज मांगों पर सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए।

साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने छात्र आंदोलन की आड़ में कथित तौर पर अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ 48 घंटे के भीतर कार्रवाई, CID जांच में तेजी और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह मुख्य सचिव से किया।

नोट: भाजपा के विभिन्न विंग से जुड़े लोगों द्वारा माहौल बिगाड़ने के आरोप महागठबंधन नेताओं की ओर से लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

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