
SIR में BLA की मनमानी पर लगेगी रोक, 30 से ज्यादा आवेदन जमा करने पर होगा क्रॉस-वेरिफिकेशन
रांची: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में राजनीतिक दलों की भूमिका बढ़ाने के साथ ही बूथ लेवल एजेंट (BLA) की जिम्मेदारियां भी तय कर दी गई हैं। अब BLA के माध्यम से एक साथ जमा किए जाने वाले आवेदन भी जांच के दायरे में रहेंगे। निर्वाचन आयोग ने आवेदन जमा करने की संख्या और उसकी सत्यता को लेकर स्पष्ट नियम तय किए हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार के अनुसार, प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद एक BLA एक दिन में अधिकतम 10 आवेदन प्रपत्र संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को सौंप सकता है। यदि आवेदन सामूहिक रूप से जमा किए जाते हैं, तो BLA को आवेदन की सूची के साथ लिखित घोषणा भी देनी होगी।
BLA को देनी होगी सत्यता की घोषणा
सामूहिक रूप से आवेदन जमा करने वाले BLA को यह प्रमाणित करना होगा कि उसने आवेदनों में दर्ज जानकारी की स्वयं जांच की है और उसकी सत्यता से संतुष्ट है।
घोषणा में BLA का नाम, संबंधित राजनीतिक दल, तारीख और हस्ताक्षर देना अनिवार्य होगा। इसके जरिए आवेदन की जानकारी की जिम्मेदारी भी BLA पर तय होगी।
30 से ज्यादा आवेदन पर व्यक्तिगत जांच
SIR के दौरान यदि कोई BLA 30 से अधिक आवेदन जमा करता है, तो ऐसे सभी आवेदनों की अतिरिक्त जांच की जाएगी। निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ERO) या सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO) इन आवेदनों का व्यक्तिगत रूप से क्रॉस-वेरिफिकेशन करेंगे।
इस व्यवस्था का उद्देश्य बड़ी संख्या में एक साथ जमा होने वाले आवेदनों की सत्यता की जांच करना और मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है।
आवेदन प्रक्रिया में जवाबदेही पर जोर
निर्वाचन आयोग के इन दिशा-निर्देशों से BLA के जरिए सामूहिक रूप से जमा होने वाले आवेदनों की निगरानी बढ़ेगी। साथ ही, आवेदन में दी गई जानकारी की जांच और सत्यापन को लेकर राजनीतिक दलों के बूथ स्तर के प्रतिनिधियों की जवाबदेही भी तय होगी।



