
JPSC-JSSC परीक्षा धांधली पर BJP का सरकार पर हमला, CBI जांच और छात्रों पर दर्ज FIR रद्द करने की मांग
Ranchi: JPSC और JSSC की विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को लेकर झारखंड भाजपा ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा प्रदेश पदाधिकारी और विधायक बुधवार को मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपने प्रोजेक्ट भवन पहुंचे। पार्टी ने परीक्षाओं में कथित धांधली की CBI जांच, छात्रों पर दर्ज FIR तत्काल रद्द करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने की मांग
भाजपा ने आरोप लगाया कि JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ झारखंड के छात्रों ने करीब एक महीने तक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन किया। पार्टी का कहना है कि आंदोलन के दौरान और उसके बाद राज्य के अलग-अलग थानों में छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज की गई।
भाजपा ने सरकार से मांग की है कि छात्र आंदोलन से जुड़े सभी मुकदमों को तत्काल वापस लिया जाए। पार्टी ने अपने ज्ञापन में छात्र आंदोलनों से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी हवाला दिया।
JPSC-JSSC परीक्षाओं की CBI जांच की मांग
भाजपा नेताओं ने उन JPSC और JSSC परीक्षाओं की CBI जांच की मांग की है, जिन्हें कथित अनियमितताओं के कारण रद्द या स्थगित किया गया है।
पार्टी का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच जरूरी है। CBI जांच के जरिए यह सामने आना चाहिए कि परीक्षा में अनियमितता कैसे हुई, इसके पीछे कौन लोग थे और पूरे मामले में किस स्तर के अधिकारियों या अन्य लोगों की भूमिका रही।
आयोग के सदस्यों और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में भाजपा ने आयोग के अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद कथित तौर पर समान रूप से दोषी अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच और गिरफ्तारी की मांग की है।
इसके अलावा जिन वरिष्ठ पदाधिकारियों के अधीन काम करने वाले कर्मचारियों की कथित परीक्षा धांधली के मामले में गिरफ्तारी हुई है, उनकी भूमिका की भी जांच करने की मांग की गई है।
भाजपा का कहना है कि यदि परीक्षा प्रक्रिया में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई है, तो केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। जिम्मेदारी तय करते हुए पूरे सिस्टम की जांच होनी चाहिए।
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
भाजपा ने राज्य सरकार को चेतावनी दी है कि यदि झारखंड के युवाओं से जुड़ी इन मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी आंदोलन करेगी। पार्टी ने कहा कि ऐसी स्थिति के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होगी।
JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर पहले से ही छात्रों और राजनीतिक दलों के बीच सरकार पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में भाजपा की CBI जांच और FIR वापस लेने की मांग के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक रूप से गरमाने के आसार हैं।
ये भाजपा नेता रहे मौजूद
मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपने पहुंचे भाजपा नेताओं में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, राष्ट्रीय मंत्री प्रदीप वर्मा, सांसद बीडी राम, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद और भानु प्रताप शाही, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी सहित विधायक सीपी सिंह, मंजू देवी, शशि भूषण मेहता, आलोक चौरसिया, रोशन लाल चौधरी, सत्येंद्र नाथ तिवारी, नीरा यादव, नागेंद्र महतो और राज सिन्हा मौजूद रहे।
अब निगाहें सरकार के अगले कदम पर हैं—क्या छात्रों पर दर्ज FIR वापस होगी और क्या JPSC-JSSC परीक्षा विवाद की CBI जांच की मांग पर सरकार कोई फैसला लेगी?



