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5 श्रेणियों के मतदाताओं के फॉर्म नहीं होंगे शामिल, CEO K Ravi Kumar ने किया बड़ा खुलासा

वोटर लिस्ट से कौन होगा बाहर? CEO के. रवि कुमार ने किया स्पष्ट

SIR-2026: प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं होंगे 5 श्रेणियों के ‘अनकलेक्टेबल’ फॉर्म, CEO के. रवि कुमार ने किया स्पष्ट

Ranchi: झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रारूप मतदाता सूची में पांच श्रेणियों के ‘अनकलेक्टेबल एन्यूमरेशन फॉर्म’ (Uncollectable Enumeration Forms) को शामिल नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया और कुछ माध्यमों में चल रही उन खबरों का खंडन किया, जिनमें वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का दावा किया जा रहा था।

के. रवि कुमार ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 326 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक को मतदान का अधिकार प्राप्त है और किसी भी योग्य मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा।

23 साल बाद हो रहा है विशेष गहन पुनरीक्षण

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि झारखंड में 23 वर्षों बाद विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कराया जा रहा है। यह सामान्य विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) से अलग दो चरणों वाली ‘डी-नोवो’ प्रक्रिया है।

देश में आजादी के बाद अब तक 9 बार विशेष गहन पुनरीक्षण किया जा चुका है और SIR-2026 इस प्रकार का 10वां आयोजन होगा।

30 जून से शुरू होगी घर-घर गणना

30 जून से 29 जुलाई 2026 तक बीएलओ (BLO) घर-घर जाकर एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित करेंगे। मतदाताओं को केवल हस्ताक्षरित फॉर्म जमा करना होगा। जिन मतदाताओं का नाम पहले से मतदाता सूची में दर्ज है, उन्हें किसी अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी।

इन 5 श्रेणियों के फॉर्म प्रारूप सूची में नहीं होंगे शामिल

प्रारूप मतदाता सूची में निम्नलिखित श्रेणियों के बिना हस्ताक्षर वाले फॉर्म शामिल नहीं किए जाएंगे—

1. एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत मतदाता

जो मतदाता एक से अधिक मतदान केंद्रों या विधानसभा क्षेत्रों में पंजीकृत हैं, उन्हें केवल वर्तमान निवास वाले क्षेत्र का फॉर्म जमा करना होगा। अन्य स्थानों के फॉर्म बिना हस्ताक्षर के कारण उल्लेखित करते हुए लौटाने होंगे।

2. मृत मतदाता

मृत मतदाताओं के फॉर्म पर परिवार का कोई वयस्क सदस्य कारण लिखकर उसे बीएलओ को सौंप सकता है। मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना लाभकारी होगा।

3. स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता

रोजगार, विवाह या अन्य कारणों से स्थायी रूप से दूसरे क्षेत्र में बस चुके मतदाताओं की स्थिति का सत्यापन बीएलओ द्वारा किया जाएगा।

4. अनुपस्थित या लापता मतदाता

ऐसे लोग जिनके बारे में स्थानीय स्तर पर कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है और जिनसे संपर्क संभव नहीं हो पाया है।

5. फॉर्म पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने वाले

इस श्रेणी में वे लोग शामिल हैं जिन्होंने विदेश की नागरिकता ग्रहण कर ली है या वे विदेशी नागरिक जो गलत घोषणा के आधार पर मतदाता सूची में शामिल हुए हैं।

5 अगस्त को प्रकाशित होगी प्रारूप मतदाता सूची

निर्वाचन विभाग के अनुसार 5 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावा एवं आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा।

  • नया नाम जोड़ने के लिए: फॉर्म-6
  • सुधार या आपत्ति के लिए: फॉर्म-7 एवं फॉर्म-8

नए मतदाताओं को मिलेगा मौका

जो नागरिक 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेंगे और अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, वे निर्धारित अवधि के दौरान आवेदन कर सकते हैं।

राज्य से बाहर रहने वालों के लिए विशेष सुविधा

झारखंड से बाहर रहने वाले मतदाता ECINET की Book-A-Call सुविधा का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा BLO से सीधे संपर्क कर हस्ताक्षरित फॉर्म जमा करने की व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी।

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है।

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