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उत्पाद सिपाही भर्ती पेपर लीक केस में 3 और आरोपियों को जमानत, कोर्ट ने पुलिस जांच पर उठाए सवाल

159 अभ्यर्थियों के बाद अब 3 और आरोपियों को बेल, कोर्ट ने कहा- ठोस सबूत नहीं

झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा मामले में 3 और आरोपियों को जमानत, कोर्ट ने पुलिस जांच पर उठाए सवाल

Ranchi: झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में कोर्ट ने तीन और आरोपियों को जमानत दे दी है। इससे पहले 159 अभ्यर्थियों को भी राहत मिल चुकी है। मामले की सुनवाई करते हुए अपर न्यायायुक्त Yogesh Kumar की अदालत ने यह फैसला सुनाया।

जमानत पाने वालों में Uttam Kumar, Lafaz Khan और Rameez Ansari शामिल हैं।

पुलिस पर सबूत पेश नहीं करने का आरोप

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां कीं, लेकिन पेपर लीक साबित करने के लिए ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सकी।

रांची पुलिस ने इस मामले में कुल 167 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें 159 अभ्यर्थी शामिल थे। पुलिस का दावा था कि उसने अंतरराज्यीय पेपर लीक और सॉल्वर गैंग के नेटवर्क का खुलासा किया है।

जेएसएससी ने भी कहा था- पेपर लीक नहीं हुआ

मामले में महत्वपूर्ण तथ्य यह भी सामने आया कि गिरफ्तारी के अगले ही दिन Jharkhand Staff Selection Commission ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित रही और पेपर लीक की कोई घटना नहीं हुई।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी और सरकारी पक्ष ने भी स्वीकार किया कि जांच में परीक्षा प्रणाली के किसी अंदरूनी व्यक्ति या JSSC अधिकारियों के साथ आरोपियों की सांठगांठ का कोई सबूत नहीं मिला है।

गंभीर धाराओं के इस्तेमाल पर भी सवाल

आरोपियों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता Manish Singh ने कहा कि साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं पर संगठित अपराध जैसी गंभीर धाराएं लगा दी गईं, जो आमतौर पर माफिया और बड़े अपराध सिंडिकेट पर लगाई जाती हैं।

उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों पर गलत धाराओं का इस्तेमाल किया गया, जबकि कानून में ऐसे मामलों के लिए अलग प्रावधान मौजूद हैं।

मामले को लेकर अब पुलिस जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं।

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