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24 घंटे बाद भी FIR और विभागीय कार्रवाई नहीं, जांच रिपोर्ट का इंतजार

पानी टंकी हादसा: 24 घंटे बाद भी न FIR, न विभागीय कार्रवाई, जांच रिपोर्ट के इंतजार में विभाग

पानी टंकी हादसा: 24 घंटे बाद भी न FIR, न विभागीय कार्रवाई, जांच रिपोर्ट का इंतजार

Ranchi: रांची के जिला स्कूल परिसर में पानी की टंकी गिरने से दो मजदूरों की मौत के 24 घंटे बाद भी मामले में विभागीय कार्रवाई और प्राथमिकी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। हादसे में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हुई थी। वहीं, घटना के दूसरे दिन भी निर्माण एजेंसी से जुड़े जिम्मेदार व्यक्ति से संपर्क नहीं हो पाने की बात सामने आई है।

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने घटना को गंभीरता से लिया है, लेकिन फिलहाल विभागीय स्तर पर जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

हादसे में दो मजदूरों की मौत

बुधवार शाम जिला स्कूल परिसर में पानी की टंकी गिरने से पलामू जिले के पड़वा मोड़ के पास रहने वाले सत्या भुइयां (25) और मैथिली शरण महतो (42) की मौत हो गई थी।

हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य चलाया गया। अब घटना के कारणों और कथित लापरवाही की जांच की जा रही है।

विभाग ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से मामले को गंभीरता से लिया गया है। रांची अर्बन के अधीक्षण अभियंता विजय एडविन ने बूटी प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता सुमित कुमार से घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

विभाग का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद पूरे मामले की गहन जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी व्यक्ति या निर्माण एजेंसी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

FIR के लिए परिजनों के आवेदन का इंतजार

कोतवाली पुलिस के अनुसार, गुरुवार रात करीब 8:30 बजे तक थाने में किसी की ओर से लिखित शिकायत नहीं दी गई थी। पुलिस मृतकों के परिजनों से संपर्क में है।

पुलिस के मुताबिक, परिजनों ने थाना पहुंचकर लिखित आवेदन देने की बात कही है। आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

22 अगस्त को ही दिए गए थे सुरक्षा के निर्देश

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर उठ रहा है। जानकारी के अनुसार, 22 अगस्त को ही संबंधित निर्माण एजेंसी को पत्र भेजकर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया था।

एजेंसी को कोतवाली थाना और स्कूल प्रशासन के साथ समन्वय कर काम करने तथा 150 फीट के दायरे में चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए थे।

इसके बावजूद हादसे में दो मजदूरों की जान चली गई। ऐसे में जांच का एक महत्वपूर्ण बिंदु यह भी होगा कि पहले से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन जमीन पर किस स्तर तक हुआ था।

जिम्मेदार कौन, मुआवजे पर भी सवाल

हादसे के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि पानी की टंकी गिरने की घटना के लिए जिम्मेदार कौन है और सुरक्षा मानकों में कथित चूक के लिए किसकी जवाबदेही तय होगी।

इसके साथ ही मृत मजदूरों के परिजनों को मुआवजा और अन्य सहायता मिलने को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। विभागीय जांच रिपोर्ट और पुलिस कार्रवाई के बाद मामले में आगे की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

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