
अमित शाह से मिले सुदेश महतो, कुड़मी को ST दर्जा देने की मांग; JPSC-JSSC और DMF फंड का मुद्दा भी उठाया
Ranchi/Delhi: आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने झारखंड से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर गृह मंत्री को ज्ञापन सौंपा।
सुदेश महतो ने कुड़मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता, खनिज प्रभावित क्षेत्रों के हित और झारखंड की स्थानीय भाषाओं को संवैधानिक मान्यता देने जैसे मुद्दे उठाए।
कुड़मी समुदाय को ST दर्जा देने की मांग
मुलाकात के दौरान सुदेश महतो ने झारखंड के कुड़मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की लंबे समय से चली आ रही मांग को प्रमुखता से रखा। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से इस दिशा में आवश्यक पहल करने का आग्रह किया।
महतो के मुताबिक, ST दर्जा मिलने से कुड़मी समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक विकास को नई दिशा मिल सकती है।
कुड़माली, कुड़ुख और मुंडारी को 8वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग
सुदेश महतो ने झारखंड की प्रमुख स्थानीय भाषाओं कुड़माली, कुड़ुख और मुंडारी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग भी रखी।
उन्होंने कहा कि भाषा किसी भी समाज की पहचान और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। संवैधानिक मान्यता मिलने से इन भाषाओं के संरक्षण और विकास को मजबूती मिल सकती है।
JPSC-JSSC परीक्षाओं की जांच की मांग
आजसू प्रमुख ने झारखंड में JPSC और JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता, पेपर लीक और वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों का मुद्दा भी गृह मंत्री के सामने उठाया।
उन्होंने इन मामलों की CBI और ED से जांच कराने की मांग की। ज्ञापन में दावा किया गया है कि झारखंड की 39 प्रतियोगी परीक्षाएं जांच के दायरे में हैं, जबकि छह परीक्षाओं को राज्य सरकार ने स्थगित किया है।
सुदेश महतो ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सीधे युवाओं के भविष्य से जुड़ी है। इसलिए ऐसे मामलों में निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच जरूरी है।
हालांकि, परीक्षाओं में अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ी से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट का हिस्सा नहीं है।
खनिज प्रभावित परिवारों के लिए मिनरल बियरिंग लैंड सेस की मांग
सुदेश महतो ने झारखंड के खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के हित में मिनरल बियरिंग लैंड सेस लगाने का सुझाव भी दिया।
उन्होंने मांग की कि इस मद से प्राप्त राशि का इस्तेमाल केवल खनन प्रभावित क्षेत्रों और वहां रहने वाले परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के लिए किया जाए।
उन्होंने राशि के उपयोग और योजनाओं की निगरानी के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रभावी व्यवस्था बनाने का भी आग्रह किया, ताकि इसका लाभ वास्तव में प्रभावित परिवारों तक पहुंच सके।
DMF फंड की कथित गड़बड़ी की CBI जांच की मांग
आजसू अध्यक्ष ने जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) फंड के इस्तेमाल में कथित अनियमितताओं की CBI जांच कराने की मांग भी की।
उन्होंने कहा कि DMF की राशि का मूल उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों और वहां रहने वाले लोगों के हित में विकास कार्य करना है। ऐसे में इसके उपयोग में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
सुदेश महतो ने केंद्रीय गृह मंत्री से झारखंड से जुड़े इन सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक पहल करने का आग्रह किया।
कुड़मी समुदाय को ST दर्जा, स्थानीय भाषाओं को संवैधानिक मान्यता और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर सुदेश महतो की अमित शाह से मुलाकात को झारखंड की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



