राँची | Hemant Soren: झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता को दुनिया के नक्शे पर लाने और स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए सोरेन सरकार ने एक बड़ा रोडमैप तैयार किया है।
मुख्यमंत्री श्री @HemantSorenJMM की अध्यक्षता में JETA की चौथी बैठक संपन्न।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में इको टूरिज्म की असीम संभावनाएं हैं। वन, पर्यटन एवं जल संसाधन विभाग समन्वय बनाकर इको टूरिज्म स्थलों का चयन करे। इको टूरिज्म रोजगार सृजन एवं आर्थिक विकास का माध्यम बन सकता है। pic.twitter.com/jvthVCnp8B— Office of Chief Minister, Jharkhand (@JharkhandCMO) March 17, 2026
मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड इको टूरिज्म अथॉरिटी (JETA) के शासी निकाय की चौथी बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में इको टूरिज्म की असीम संभावनाओं को देखते हुए अधिकारियों को मिशन मोड में काम करने का निर्देश दिया।
तीन विभागों का ‘त्रिवेणी’ संगम, समन्वय से बढ़ेगा पर्यटन: CM Hemant Soren
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इको टूरिज्म का विकास केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने वन, पर्यटन और जल संसाधन विभाग को आपसी समन्वय (Coordination) बनाकर कार्य करने का निर्देश दिया ताकि जलाशयों, जंगलों और पहाड़ों को एक सूत्र में पिरोकर पर्यटन सर्किट विकसित किया जा सके।
नेतरहाट से पतरातू तक: इन स्थलों पर होगा फोकस
बैठक के दौरान अधिकारियों ने राज्य के कई प्रमुख स्थलों के विकास पर चर्चा की। Hemant Soren के समक्ष निम्नलिखित क्षेत्रों को लेकर विस्तृत योजना रखी गई:
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पतरातू और मसानजोर: मसानजोर की तर्ज पर पतरातू में भी इको टूरिज्म को बड़े स्तर पर विकसित किया जाएगा।
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प्रमुख क्षेत्र: मैथन, नेतरहाट, चाईबासा, दुमका और रांची के आसपास के वन क्षेत्रों और जलाशयों को चिन्हित किया गया है।
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इंफ्रास्ट्रक्चर: मुख्यमंत्री ने इन स्थलों पर पर्यावरण का संतुलन बनाए रखते हुए आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार करने पर जोर दिया।
इको टूरिज्म: रोजगार और संरक्षण का संगम
मुख्यमंत्री ने कहा कि इको टूरिज्म केवल घूमने-फिरने का जरिया नहीं है, बल्कि यह आर्थिक विकास का एक सशक्त माध्यम है।
“झारखंड प्राकृतिक रूप से बेहद आकर्षक राज्य है। इको टूरिज्म विकसित होने से न केवल प्रकृति की संरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि स्थानीय लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार से भी जोड़ा जा सकेगा।” — श्री हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री
बैठक में उपस्थित प्रमुख चेहरे
इस महत्वपूर्ण बैठक में नीति निर्धारण के लिए कई दिग्गज उपस्थित रहे:
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मंत्री: श्री सुदिव्य कुमार (पर्यटन, कला-संस्कृति एवं खेलकूद)
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अधिकारी: मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, वन विभाग के सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी, पर्यटन सचिव श्री मुकेश कुमार और प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री संजीव कुमार।
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विशेषज्ञ: ‘इकोटूरिज्म सोसाइटी ऑफ इंडिया’ के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव साझा किए।
CM Hemant Soren ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है कि पूरी कार्ययोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर लागू किया जाए। इस पहल से झारखंड आने वाले पर्यटकों को न केवल बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
