भाजपा आदिवासियों का भला नहीं कर सकती”: असम में शिल्पी नेहा तिर्की का बड़ा बयान

असम चुनाव: स्कूल, राशन और बिजली मुद्दे पर शिल्पी नेहा तिर्की का वार

भाजपा आदिवासियों का भला नहीं कर सकती”: असम चुनाव में शिल्पी नेहा तिर्की का हमला

डिब्रूगढ़/रांची | रिपोर्ट

असम विधानसभा चुनाव के बीच सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता शिल्पी नेहा तिर्की ने दुलियाजान विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभाओं को संबोधित करते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा कभी भी आदिवासी समाज का वास्तविक भला नहीं कर सकती।

“कांग्रेस शासन में हुआ असम का विकास”

शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि असम का समग्र विकास कांग्रेस के शासनकाल में हुआ था और आज यह बात हर वर्ग की जनता महसूस कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के समय चाय बागान क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सरकारी स्कूल खोले गए थे, जिससे आदिवासी परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सकी।

“6000 स्कूलों पर लगे ताले”

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में करीब 6000 विद्यालय बंद कर दिए गए, जिससे चाय बागानों में काम करने वाले हजारों आदिवासी बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है। इसे उन्होंने बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

राशन और बिजली पर भी उठाए सवाल

कांग्रेस नेता ने कहा कि पहले चाय कंपनियों और सरकार दोनों की ओर से श्रमिकों को राशन मिलता था, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद कंपनी का राशन भी बंद करा दिया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले कंपनियां श्रमिकों का बिजली बिल भरती थीं, लेकिन अब यह सुविधा खत्म कर दी गई है। इसके बजाय स्मार्ट मीटर के जरिए गरीब परिवारों पर भारी बिजली बिल का बोझ डाला जा रहा है।

“जनता बदलाव के मूड में”

शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि आदिवासी समाज अब जागरूक हो चुका है और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि जनता एक बार फिर कांग्रेस को सत्ता में लाने का मन बना चुकी है।

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