राजधानी रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष babulal Marandi ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार को कथित शराब घोटाले के मुद्दे पर घेरा। उन्होंने इस मामले को झारखंड की राजनीति का बड़ा भ्रष्टाचार बताते हुए कई गंभीर सवाल उठाए।
संवाददाताओं को संबोधित करते हुए मरांडी ने कहा कि वर्ष 2022 से शुरू हुआ यह शराब घोटाला अब 750 करोड़ रुपए से अधिक का हो चुका है, लेकिन मुख्यमंत्री स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे और अधिकारी राजेंद्र सिंह की जल्दबाजी में गिरफ्तारी की गई, लेकिन बाद में उन्हें 90 दिनों के भीतर डिफॉल्ट बेल पर रिहा कर दिया गया।
मरांडी ने इसे साजिश करार देते हुए कहा कि पूरे मामले को दबाने और आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि झारखंड के अलावा गुजरात से भी कुछ लोगों की गिरफ्तारी हुई थी, लेकिन जांच की रफ्तार बेहद धीमी रही। उनके अनुसार, यह घोटाला अब “केस के नाम पर पैसे कमाने का जरिया” बन गया है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस मामले को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया है और भ्रष्टाचार में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 10 महीने बीत जाने के बावजूद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई है। इस संबंध में उन्होंने एडीजी से अपील की कि एसीबी को जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश दिया जाए।
इस दौरान मरांडी ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि झारखंड में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। खासकर आदिवासियों की जमीन पर अवैध कब्जे के मामले बढ़ रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार इन मामलों को रोकने में विफल रही है और कांग्रेस के सहयोग से चल रही यह सरकार जनता के हितों की अनदेखी कर रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बाबूलाल मरांडी ने स्पष्ट संकेत दिया कि भाजपा इस मुद्दे को लेकर आने वाले समय में और आक्रामक रुख अपनाएगी।
