Bihar: बिहार में अब भिक्षुक बनेंगे उद्यमी, नीतीश सरकार की नई पहल, सम्मानजनक जीवन के लिए मिल रहे ₹10,000

Bihar: बिहार में नीतीश सरकार भिक्षावृत्ति को समाप्त करने और भिक्षुकों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक अनूठी पहल कर रही है। ‘मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना’ के माध्यम से अब सड़कों पर हाथ फैलाने वाले लोग खुद का छोटा व्यवसाय शुरू कर ‘उद्यमी’ बन सकेंगे।

स्वरोजगार के लिए ₹10,000 की आर्थिक मदद

इस योजना के तहत भिक्षुकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार 10,000 रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। इस राशि का उपयोग वे छोटा व्यवसाय जैसे सब्जी बेचना, फल की दुकान, या अन्य लघु व्यापार शुरू करने के लिए कर सकते हैं। अब तक राज्य में 544 भिक्षुकों को यह सहायता दी जा चुकी है।

पुनर्वास और कौशल विकास पर जोर

केवल पैसा ही नहीं, बल्कि भिक्षुकों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार ने ठोस व्यवस्था की है:

कैसे लें योजना का लाभ?

योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें और प्रक्रिया निर्धारित है:

  1. पात्रता: आवेदक बिहार का मूल निवासी होना चाहिए और उसका परिवार पूरी तरह भिक्षावृत्ति पर निर्भर हो।

  2. दस्तावेज: तहसीलदार द्वारा जारी आर्थिक स्थिति का प्रमाण पत्र और दिव्यांग होने पर मेडिकल सर्टिफिकेट आवश्यक है।

  3. आवेदन: इच्छुक व्यक्ति अपने जिले के सामाजिक सुरक्षा कोषांग या सक्षम कार्यालय में संपर्क कर आवेदन फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं।

 

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