रांची/कोलकाता: पूर्वी भारत की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren को लेकर खबर है कि वे असम के बाद अब पश्चिम बंगाल में भी चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, वे All India Trinamool Congress (टीएमसी) के समर्थन में प्रचार कर सकते हैं।
कांग्रेस से दूरी का संकेत?: Hemant Soren
बंगाल में इस बार टीएमसी और कांग्रेस के बीच कोई गठबंधन नहीं है। ऐसे में अगर हेमंत सोरेन टीएमसी के पक्ष में प्रचार करते हैं, तो इसे कांग्रेस के खिलाफ एक बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। यह कदम विपक्षी राजनीति में बदलते समीकरणों की ओर इशारा कर सकता है।
कल्पना सोरेन भी रहेंगी साथ?: Hemant Soren
सूत्रों की मानें तो इस बार प्रचार में Kalpana Soren की भी सक्रिय भूमिका हो सकती है। दोनों नेताओं की संयुक्त मौजूदगी को एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है, जो झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और टीएमसी के बीच मजबूत तालमेल का संकेत दे सकता है।
TMC नेतृत्व से लगातार संपर्क: Hemant Soren
बताया जा रहा है कि टीएमसी सुप्रीमो Mamata Banerjee और JMM नेतृत्व के बीच लगातार बातचीत जारी है। हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक कार्यक्रम या शेड्यूल जारी नहीं हुआ है। माना जा रहा है कि जल्द ही प्रचार को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकती है।
क्यों अहम है यह कदम?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर हेमंत सोरेन बंगाल में सक्रिय प्रचार करते हैं, तो यह पूर्वी भारत की राजनीति में नए गठजोड़ और समीकरणों को जन्म दे सकता है। क्षेत्रीय दलों के बीच बढ़ती नजदीकियां राष्ट्रीय राजनीति पर भी असर डाल सकती हैं।
नजरें अगली घोषणा पर
फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन कब बंगाल में प्रचार की शुरुआत करते हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना सकता है और शायद इस बार ‘खेला’ और भी बड़ा हो।
