बाबूलाल मरांडी का सरकार पर हमला: ‘5 महीने से मानदेय को तरस रहे 58 हजार NHM कर्मी, 170 करोड़ के बिल लंबित’
झारखंड में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि NHM के 58 हजार अनुबंध स्वास्थ्यकर्मियों को पांच महीने से मानदेय नहीं मिला है और 170 करोड़ रुपये के बिल लंबित हैं।

झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत अनुबंध स्वास्थ्यकर्मियों के मानदेय को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव के दौरान नियमितीकरण और वेतन वृद्धि के बड़े वादे करती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्हें पूरा नहीं करती।
‘58 हजार NHM कर्मियों को 5 महीने से नहीं मिला मानदेय’
बाबूलाल मरांडी ने दावा किया कि राज्य में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत करीब 58 हजार अनुबंध स्वास्थ्यकर्मी पिछले पांच महीनों से मानदेय का इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रेजरी में लगभग 170 करोड़ रुपये के बिल लंबित पड़े हैं, जिसके कारण न केवल स्वास्थ्यकर्मियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
‘बजट खर्च में सरकार पूरी तरह विफल’
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में स्वीकृत बजट का केवल 4.92 प्रतिशत ही खर्च होना सरकार की वित्तीय अक्षमता और प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री से की तत्काल भुगतान की मांग
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की कि एनएचएम कर्मियों के लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए स्थायी और पारदर्शी भुगतान व्यवस्था लागू की जाए।
‘सम्मान केवल भाषणों से नहीं मिलता’
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों का सम्मान केवल भाषणों और घोषणाओं से नहीं, बल्कि उनके परिश्रम का समय पर उचित भुगतान सुनिश्चित करने से साबित होता है।
नोट: यह आरोप नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा लगाए गए हैं। इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



