
सुवेंदु अधिकारी होंगे पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री, विधायक दल का नेता चुना गया
सुवेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। कोलकाता के कन्वेंशन सेंटर में आयोजित विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगी। बैठक के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आधिकारिक तौर पर उनके नाम का ऐलान किया और मंच पर उन्हें माला पहनाकर गले लगाया।
अब सुवेंदु अधिकारी 9 मई को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत NDA के कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
ममता बनर्जी को भवानीपुर से हराकर बने सबसे बड़े चेहरे
56 वर्षीय सुवेंदु अधिकारी ने इस विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट से हराया। इसके अलावा वे नंदीग्राम सीट से लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए हैं।
भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 294 में से 207 सीटें जीतकर पहली बार राज्य में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई है।
अमित शाह ने बंगाल जीत को ऐतिहासिक बताया
विधायक दल की बैठक में अमित शाह ने कहा कि बंगाल में भाजपा सरकार बनना पार्टी की वैचारिक यात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव है। उन्होंने कहा कि “गंगोत्री से गंगासागर तक भाजपा की सरकार बनने का सपना पूरा हुआ है।”
शाह ने कहा कि 2014 में बंगाल में भाजपा का खाता खुला था, फिर पार्टी 3 सीटों से 77 और अब 207 सीटों तक पहुंची है। उन्होंने इसे भाजपा की ऐतिहासिक राजनीतिक यात्रा बताया।
‘दीदी का सूपड़ा साफ हो गया’
अमित शाह ने चुनावी नतीजों का जिक्र करते हुए कहा कि 9 जिलों में तृणमूल कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला और जनता ने भाजपा को प्रचंड जनादेश दिया।
उन्होंने भवानीपुर सीट का जिक्र करते हुए कहा कि “सुवेंदु दा ने दीदी को उनके घर में हराया।”
घुसपैठियों पर भी दिया बड़ा बयान
बैठक में अमित शाह ने कहा कि भाजपा का वादा है कि बंगाल ही नहीं, पूरे देश से घुसपैठियों को चुन-चुनकर बाहर निकाला जाएगा। उन्होंने इसे देश की सुरक्षा का मुद्दा बताया।
दक्षिणेश्वर काली मंदिर पहुंचे शाह और सुवेंदु
विधायक दल की बैठक से पहले अमित शाह और सुवेंदु अधिकारी एक साथ दक्षिणेश्वर काली मंदिर पहुंचे, जहां दोनों नेताओं ने पूजा-अर्चना की।
बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव
पश्चिम बंगाल में भाजपा की यह जीत राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव मानी जा रही है। लंबे समय तक वामपंथ और तृणमूल कांग्रेस के प्रभाव वाले राज्य में पहली बार भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है।



