बिहार में CM चेहरे पर सस्पेंस खत्म? सम्राट चौधरी के नाम पर सहमति के संकेत, 15 अप्रैल को शपथ की तैयारी
पटना: बिहार की राजनीति में अगले मुख्यमंत्री को लेकर चल रहा सस्पेंस अब खत्म होता नजर आ रहा है। सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक, सम्राट चौधरी के नाम पर सहमति लगभग बन चुकी है। हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन अंदरखाने तैयारियां तेज हो गई हैं।
15 अप्रैल को शपथ ग्रहण की तैयारी
खरमास खत्म होने के बाद 15 अप्रैल को पटना के गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि यह कार्यक्रम बड़े स्तर पर होगा, ताकि पूरे राज्य में एक मजबूत राजनीतिक संदेश दिया जा सके।
पीएम मोदी के शामिल होने की संभावना
सूत्रों के अनुसार, इस समारोह में नरेंद्र मोदी के शामिल होने की भी संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
सम्राट चौधरी के नाम पर क्यों बन रही सहमति?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नीतीश कुमार और बीजेपी नेतृत्व के बीच हुई बातचीत के बाद सम्राट चौधरी का नाम मजबूत हुआ है।
- बीजेपी लगातार सम्राट चौधरी को आगे बढ़ा रही है
- नीतीश कुमार भी उनके साथ सहज नजर आ रहे हैं
- दोनों के बीच बेहतर तालमेल को बड़ा कारण माना जा रहा है
इसी वजह से कयास लगाए जा रहे हैं कि गठबंधन इस नाम पर सहमत हो चुका है।
बीजेपी ने ‘दावेदारों’ पर लगाया ब्रेक
बीजेपी ने सोशल मीडिया पर चल रहे सीएम पद के दावेदारों से जुड़े पोस्ट पर रोक लगा दी है। पार्टी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि कोई भी नेता खुद को सीएम कैंडिडेट के रूप में प्रचारित न करे, जिससे भ्रम की स्थिति खत्म हो सके।
फिर भी ‘सरप्राइज’ की गुंजाइश
हालांकि, बीजेपी और नीतीश कुमार दोनों ही अपने चौंकाने वाले फैसलों के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में आधिकारिक घोषणा से पहले किसी भी नाम को अंतिम मान लेना जल्दबाजी होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बीजेपी पहले भी कई राज्यों में अप्रत्याशित चेहरों को मुख्यमंत्री बना चुकी है, इसलिए अंतिम फैसला आने तक सस्पेंस बना रह सकता है।
निष्कर्ष:
बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर तस्वीर लगभग साफ होती दिख रही है, लेकिन आधिकारिक ऐलान बाकी है। अब सबकी नजर 15 अप्रैल और उससे पहले होने वाली घोषणा पर टिकी है—क्या सम्राट चौधरी ही होंगे अगला चेहरा या फिर बीजेपी एक बार फिर सबको चौंकाएगी?**
