पटना में TRE-4 शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। पुलिस लाठीचार्ज, छात्र नेताओं की गिरफ्तारी और हजारों अभ्यर्थियों पर FIR दर्ज होने के बाद अब विपक्ष भी सरकार पर हमलावर हो गया है। Rahul Gandhi ने सोशल मीडिया पर पुलिस कार्रवाई का वीडियो साझा करते हुए कहा कि “अपने रोजगार का हक मांग रहे युवाओं को BJP सरकार लाठी से जवाब दे रही है।”
छात्र नेता को रस्सी से बांधकर ले गई पुलिस: Rahul Gandhi
प्रदर्शन के बाद पुलिस ने छात्र नेता दिलीप समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। गांधी मैदान थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा के अनुसार इन लोगों पर भीड़ को उकसाने का आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि करीब 5000 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। गिरफ्तार छात्र नेता को पुलिस रस्सी से बांधकर जेल ले गई, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इससे छात्र संगठनों और विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए हैं।
TRE-4 वैकेंसी को लेकर प्रदर्शन: Rahul Gandhi
शुक्रवार को करीब 5 हजार अभ्यर्थी TRE-4 शिक्षक भर्ती का नोटिफिकेशन जारी करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे थे। प्रदर्शनकारी JP गोलंबर से BPSC कार्यालय तक मार्च निकाल रहे थे। इस दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग कर अभ्यर्थियों को रोका। आरोप है कि बाद में पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें कई अभ्यर्थी घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि महिला अभ्यर्थियों के साथ भी बदसलूकी हुई और कई छात्रों के सिर फट गए।
आखिर क्या है छात्रों की मांग?: Rahul Gandhi
अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार लंबे समय से TRE-4 भर्ती प्रक्रिया को लेकर सिर्फ आश्वासन दे रही है, लेकिन अब तक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ। छात्र नेताओं के मुताबिक पहले 1.20 लाख पदों पर भर्ती की बात कही गई थी, बाद में संख्या घटाकर 46 हजार और फिर 26-27 हजार तक सीमित कर दी गई।कई छात्र वर्षों से तैयारी कर रहे हैं और लगातार भर्ती में देरी से उम्र सीमा पार होने का डर सता रहा है।
सरकार और आयोग पर उठ रहे सवाल: Rahul Gandhi
अभ्यर्थियों का आरोप है कि बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) और शिक्षा विभाग लगातार संभावित तारीखें बताते रहे, लेकिन अंतिम कैलेंडर जारी नहीं किया गया। छात्रों का कहना है कि स्पष्ट भर्ती कैलेंडर जारी हो जाए तो आंदोलन की नौबत ही नहीं आएगी।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
राहुल गांधी के अलावा कई विपक्षी नेताओं ने भी पुलिस कार्रवाई की आलोचना की है। विपक्ष का आरोप है कि रोजगार मांग रहे युवाओं के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में शिक्षक भर्ती अब सिर्फ प्रशासनिक मुद्दा नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन चुका है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार TRE-4 भर्ती प्रक्रिया और छात्रों की मांगों पर क्या फैसला लेती है।
