Bihar News: बिहार में जमीन खरीदने और बेचने वालों के लिए सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। अब किसी भी जमीन की रजिस्ट्री से पहले संबंधित अंचलाधिकारी (CO) की जांच रिपोर्ट अनिवार्य होगी। सरकार का दावा है कि इस नई व्यवस्था से जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े, ठगी और विवाद के मामलों में कमी आएगी और खरीद-बिक्री की प्रक्रिया ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनेगी।
ई-निबंधन पोर्टल पर करना होगा आवेदन: Bihar News
नई व्यवस्था के तहत जमीन खरीदने और बेचने से पहले लोगों को ई-निबंधन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ जमीन से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज और जानकारी अपलोड करनी होगी। इसके बाद संबंधित अंचल कार्यालय जमीन की जांच करेगा और रिपोर्ट तैयार करेगा। रिपोर्ट मिलने के बाद ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
आवेदन में देनी होगी पूरी जानकारी: Bihar News
सरकार ने आवेदन प्रक्रिया में कई जानकारियां अनिवार्य कर दी हैं। इनमें शामिल हैं
- खाता संख्या
- खेसरा संख्या
- रकबा
- चौहद्दी
- जमाबंदी संख्या
- विक्रेता का नाम
इन्हीं जानकारियों के आधार पर CO जमीन की वास्तविक स्थिति की जांच करेंगे और यह भी देखेंगे कि जमीन पर कोई विवाद तो नहीं है।
10 दिनों के भीतर देनी होगी रिपोर्ट: Bihar News
सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जांच रिपोर्ट 10 दिनों के भीतर जारी करनी होगी। अगर तय समय सीमा में रिपोर्ट जारी नहीं होती है, तो पोर्टल पर उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। हालांकि, देरी की स्थिति में संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
सरकारी या निजी जमीन की होगी स्पष्ट जानकारी: Bihar News
नई व्यवस्था के तहत CO को अपनी रिपोर्ट में यह स्पष्ट लिखना होगा कि जमीन सरकारी है या निजी। साथ ही दस्तावेजों की वैधता और विक्रेता के दावे की जांच भी की जाएगी।
फर्जीवाड़े और विवाद में कमी की उम्मीद
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से लोगों को जमीन खरीदने से पहले पूरी और सही जानकारी मिल सकेगी। अधिकारियों के मुताबिक इससे फर्जी रजिस्ट्री, गलत दस्तावेज और जमीन विवाद के मामलों में कमी आने की संभावना है। नई व्यवस्था से जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनने की उम्मीद जताई जा रही है।
