
JPSC विवाद और युवाओं के मुद्दों की गूंज के बीच 6 अगस्त से झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र, हंगामे के आसार
पांच दिवसीय सत्र में JPSC, कानून-व्यवस्था, अनुपूरक बजट और सरकारी जवाबदेही पर सत्ता-विपक्ष आमने-सामने हो सकते हैं
Ranchi: झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 6 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक आयोजित होगा। पांच कार्यदिवसों वाले इस सत्र के राजनीतिक रूप से काफी अहम रहने की संभावना है। JPSC की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं, JSSC भर्ती विवाद, युवाओं के मुद्दों, कानून-व्यवस्था और अन्य जनहित के विषयों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के संकेत हैं।
JPSC मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष
विपक्ष ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा सदन में प्रमुखता से उठाया जाएगा। भाजपा और आजसू समेत विपक्षी दल CBI जांच, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहे हैं।
बताया जा रहा है कि सत्र शुरू होने से पहले एनडीए विधायक दल की बैठक में सदन के भीतर की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।
सरकार अपनी कार्रवाई का दे सकती है ब्यौरा
दूसरी ओर, सत्ता पक्ष का जोर इस बात पर रहेगा कि JPSC मामले में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को सदन में रखा जाए। सरकार यह बता सकती है कि मामले की जांच CID को सौंपी गई, कई आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और आयोग से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर पेपर लीक जैसे मुद्दों को भी चर्चा में लाया जा सकता है।
विभागों की जवाबदेही पर भी उठ सकते हैं सवाल
विधानसभा से जुड़े उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले डेढ़ वर्षों में सरकार की ओर से सदन में 1390 आश्वासन दिए गए, जिनमें से बड़ी संख्या पर अभी तक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई है।
इसी तरह, पिछले बजट सत्र के दौरान शून्यकाल के तहत उठाए गए 440 मामलों में से केवल 119 मामलों पर ही विभागों ने जवाब दिया, जबकि 321 मामलों पर जवाब लंबित बताया गया है। यह मुद्दा भी सदन में उठ सकता है।
मानसून सत्र का संभावित कार्यक्रम
6 अगस्त
- आवश्यकता पड़ने पर नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण
- अध्यादेशों को सदन पटल पर रखना
- शोक प्रस्ताव
7 अगस्त
- प्रश्नकाल
- वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी प्रस्तुत
8-9 अगस्त
- अवकाश
10 अगस्त
- अनुपूरक बजट पर सामान्य चर्चा
- विनियोग विधेयक पर मतदान
11 अगस्त
- प्रश्नकाल
- राजकीय विधेयकों और अन्य सरकारी कार्यों पर चर्चा
12 अगस्त
- प्रश्नकाल
- राजकीय विधेयकों का निष्पादन
- गैर-सरकारी संकल्पों पर चर्चा
राजनीतिक रूप से अहम रहेगा सत्र
JPSC-JSSC भर्ती विवाद, छात्र आंदोलन, कानून-व्यवस्था, वित्तीय विषयों और सरकारी जवाबदेही जैसे मुद्दों के कारण इस बार का मानसून सत्र राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सदन के भीतर इन मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।



