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जलाशयों में सोलर प्लांट से बदलेगी ऊर्जा तस्वीर, झारखंड में बड़ी संभावनाएं

झारखंड के जलाशयों में तैरेंगे सोलर प्लांट, Floating Solar से ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने की तैयारी

झारखंड के जलाशयों में तैरेंगे सोलर प्लांट, Floating Solar से ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने की तैयारी

रांची: देश में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है और स्वच्छ ऊर्जा के विकल्पों पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे समय में झारखंड के बड़े डैम और जलाशय Floating Solar Power के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। जलाशयों की सतह पर सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन की तकनीक को राज्य में ग्रीन एनर्जी के एक संभावित विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।

झारखंड में बड़ी संख्या में जलाशय और जल स्रोत मौजूद हैं। ऐसे में इनका उपयोग केवल सिंचाई और जलापूर्ति तक सीमित न रखकर अक्षय ऊर्जा उत्पादन के लिए भी किया जा सकता है।

जलाशयों की सतह पर सोलर पैनल का विचार

Floating Solar में सोलर पैनल जमीन के बजाय पानी की सतह पर विशेष फ्लोटिंग संरचनाओं के जरिए लगाए जाते हैं। इससे बड़े पैमाने पर जमीन की जरूरत कम हो सकती है।

झारखंड जैसे राज्य में, जहां जलाशयों के साथ-साथ सौर ऊर्जा की संभावनाएं भी मौजूद हैं, Floating Solar को भविष्य के ऊर्जा विकल्प के रूप में विकसित किया जा सकता है।

झारखंड में हाइड्रो और सोलर क्षमता पर नजर

उपलब्ध आंकड़ों में झारखंड के हाइड्रो पावर से जुड़े क्षेत्रों में संभावित क्षमता के अलग-अलग अनुमान बताए गए हैं। रिपोर्ट में पेसिमिस्टिक और ऑप्टिमिस्टिक परिस्थितियों के आधार पर राज्य की क्षमता का आकलन किया गया है।

हालांकि, रिपोर्ट में दिए गए कुछ आंकड़ों का आकार असामान्य रूप से बड़ा है। इसलिए वास्तविक स्थापित या व्यावहारिक रूप से विकसित की जा सकने वाली क्षमता का निर्धारण संबंधित आधिकारिक तकनीकी आकलन और परियोजना-स्तरीय सर्वेक्षण के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

बड़े राज्यों के बीच झारखंड की संभावनाएं

देश के कई राज्यों में जलाशयों पर Floating Solar और अन्य अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं पर काम हो रहा है। आंध्र प्रदेश, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में बड़े जल स्रोत और ऊर्जा परियोजनाएं मौजूद हैं।

वहीं सिक्किम, त्रिपुरा और केरल जैसे राज्यों की तुलना में झारखंड के जलाशयों और उपलब्ध भूमि-संसाधनों को अलग तरह की ऊर्जा क्षमता के रूप में देखा जा सकता है।

देशभर में जलाशयों पर Floating Solar के जरिए बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन की संभावना जताई जाती रही है। हालांकि, किसी भी परियोजना की वास्तविक क्षमता जलाशय के आकार, जल उपयोग, पर्यावरणीय परिस्थितियों, ग्रिड कनेक्टिविटी और तकनीकी व्यवहार्यता पर निर्भर करती है।

Floating Solar के क्या फायदे हैं?

जलाशयों पर सोलर पैनल लगाने से कई संभावित फायदे हो सकते हैं। जमीन की आवश्यकता कम होने के साथ-साथ उपलब्ध जल क्षेत्र का उपयोग बिजली उत्पादन के लिए किया जा सकता है।

कुछ परिस्थितियों में पानी की सतह पर सोलर पैनल होने से वाष्पीकरण में कमी आने की संभावना भी रहती है। इसके अलावा, सौर ऊर्जा के उत्पादन से पारंपरिक ईंधन प

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