
# Commonwealth Games 2026: 39 मेडल के साथ चौथे स्थान पर भारत, बॉक्सिंग बनी सबसे बड़ी ताकत, एथलेटिक्स में नहीं मिला गोल्ड
Sports Desk: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदकों सहित कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। हालांकि बर्मिंघम 2022 की तुलना में कुल पदकों की संख्या कम रही, लेकिन इस बार खेलों की संख्या और भारतीय दल का आकार भी काफी छोटा था। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का गौरव बढ़ाया।
बॉक्सिंग बना भारत का सबसे बड़ा मेडल बैंक
भारत के 39 पदकों में सबसे बड़ा योगदान बॉक्सिंग का रहा। भारतीय मुक्केबाजों ने 7 गोल्ड और 3 सिल्वर सहित कुल 10 पदक अपने नाम किए। यानी भारत के हर चार पदकों में से एक पदक बॉक्सिंग से आया।
एथलेटिक्स में 10 मेडल, लेकिन गोल्ड का इंतजार
एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 10 पदक जीते, लेकिन एक भी स्वर्ण पदक हासिल नहीं कर सके। स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल जीता, जबकि यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज अपने नाम किया। इसके अलावा गुलवीर सिंह, तेजस्विन शंकर और अन्य खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया।
वेटलिफ्टिंग और पैरा एथलेटिक्स में भी दमदार प्रदर्शन
वेटलिफ्टिंग में भारत ने 8 पदक, पैरा एथलेटिक्स में 6 पदक, जूडो में 4 पदक और पैरा पावरलिफ्टिंग में 1 पदक जीता। कुल 39 में से 37 पदक सिर्फ इन पांच खेलों से आए।
123 खिलाड़ियों में 38 बने मेडलिस्ट
इस बार भारत ने सिर्फ 123 खिलाड़ियों का दल भेजा था। इनमें से 38 खिलाड़ियों ने पदक जीतने में सफलता हासिल की। भारत का सक्सेस रेट 31 प्रतिशत रहा, जो बर्मिंघम 2022 के 29 प्रतिशत से बेहतर है।
चौथे स्थान पर कायम रहा भारत
भारत ने 13 स्वर्ण पदकों के साथ पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा पहले तीन स्थानों पर रहे। सीमित खेलों और छोटे दल के बावजूद भारत का टॉप-4 में रहना बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
इन खेलों से मिली निराशा
इस बार जिम्नास्टिक्स, स्विमिंग, साइक्लिंग और लॉन बॉल्स में भारत को कोई पदक नहीं मिला। वहीं एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक नहीं जीत पाना भी भारतीय दल के लिए बड़ी कमी रहा।
उम्मीद से बेहतर रहा प्रदर्शन
कॉमनवेल्थ गेम्स शुरू होने से पहले भारतीय ओलंपिक संघ और खेल विशेषज्ञों ने भारत के लगभग 31 पदक जीतने का अनुमान लगाया था। लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 39 पदक जीतकर अपनी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।
भारत का यह प्रदर्शन दिखाता है कि सीमित संसाधनों और कम खिलाड़ियों के बावजूद भारतीय खेल लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं। आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भी भारतीय खिलाड़ियों से ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।



