Chirag Paswan: बिहार की सियासत में पिछले दो दशकों से चला आ रहा ‘नीतीश अध्याय’ अब एक नए मोड़ पर आ गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो गई है। जहां एक ओर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने कोटे से नया मुख्यमंत्री बनाने की तैयारी में है, वहीं दूसरी ओर एनडीए की सहयोगी पार्टी लोजपा (रामविलास) के भीतर से Chirag Paswan को बिहार की कमान सौंपने की मांग ने गठबंधन के भीतर नई हलचल पैदा कर दी है।
भाजपा की नजर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर: Chirag Paswan
2025 के विधानसभा चुनाव में 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी भाजपा अब बिहार में अपना पहला मुख्यमंत्री बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। सूत्रों के अनुसार, एनडीए के भीतर हुए समझौते के तहत मुख्यमंत्री का पद भाजपा को मिलना लगभग तय है। इस रेस में वर्तमान डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का नाम सबसे आगे चल रहा है। रविवार को पश्चिम बंगाल के बागडोगरा में अमित शाह और सम्राट चौधरी की होने वाली मुलाकात को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है।
चिराग पासवान के समर्थन में लोजपा-आर मुखर: Chirag Paswan
इस बीच, लोजपा (रामविलास) के प्रदेश प्रवक्ता मनीष सिंह ने चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर नया दांव चल दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार को अब युवा सोच और नई ऊर्जा की जरूरत है, जिसके लिए चिराग पासवान सबसे उपयुक्त चेहरा हैं। हालांकि, पार्टी के बिहार प्रभारी अरुण भारती ने इसे अपनी निजी राय बताते हुए कहा कि अंतिम फैसला गठबंधन के शीर्ष नेता ही लेंगे। गौरतलब है कि विधानसभा में लोजपा-आर के पास 19 विधायक हैं, जो सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
निशांत कुमार की संभावित एंट्री: Chirag Paswan
चर्चा यह भी है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद उनके बेटे निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में कदम रख सकते हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि नई सरकार के गठन में उन्हें जेडीयू कोटे से डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है, ताकि पार्टी की विरासत को संभाला जा सके।
बिहार को नया मुख्यमंत्री मिलने की आधिकारिक प्रक्रिया अप्रैल तक पूरी होने की उम्मीद है। तब तक राज्य में बैठकों और कयासों का दौर जारी रहेगा।
