
धनबाद में जमीन धंसने से त्रासदी, घर समेत तीन लोग दबे
झारखंड के Dhanbad में मंगलवार देर शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जहां जोरदार धमाके के साथ एक घर अचानक जमीन में धंस गया। इस हादसे में तीन लोग जिंदा जमीन के अंदर समा गए, जबकि आसपास के इलाके में दहशत फैल गई।
घटना Sonardih ओपी क्षेत्र के बहियारडीह पंचायत स्थित टंडाबाड़ी की है।
धमाका और फिर अचानक धंस गया घर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक जोरदार आवाज हुई और देखते ही देखते पूरा घर जमीन में समा गया।
इस दर्दनाक हादसे में—
- मोनू उरांव (60)
- उनकी बेटी गीता कुमारी (17)
- पड़ोसी सरिता देवी (45)
जमीन के भीतर दब गए।
घर के साथ-साथ सामान और मवेशी भी धंसान में समा गए, जिससे नुकसान और भी बढ़ गया।
गांव में मची अफरातफरी, लोग घर छोड़ भागे
हादसे के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों में डर ऐसा था कि कई लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
पास का एक अन्य घर भी इस धंसान से प्रभावित हुआ, जिससे खतरा और बढ़ गया।
सड़क जाम, 4 घंटे तक ठप रहा आवागमन
घटना से नाराज ग्रामीणों ने राजगंज-चास मुख्य सड़क को जाम कर दिया।
- सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए
- दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई
- भारी वाहन घंटों फंसे रहे
सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक शत्रुघ्न महतो और अन्य जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद करीब 4 घंटे बाद रात 10 बजे जाम हटाया गया।
देर से शुरू हुआ रेस्क्यू, परिजनों में आक्रोश
हादसे के करीब चार घंटे बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया, जिससे परिजनों में नाराजगी देखने को मिली।
जिला प्रशासन और Bharat Coking Coal Limited (बीसीसीएल) की टीम ने मलबे में दबे लोगों की तलाश शुरू की, लेकिन देर रात तक कोई सफलता नहीं मिली थी।
मौके पर कई अधिकारी मौजूद रहे, जबकि जरूरत पड़ने पर एनडीआरएफ टीम बुलाने की तैयारी भी की गई।
अवैध खनन पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं—
- इलाके में अवैध कोयला खनन जारी है
- भारी ब्लास्टिंग से जमीन कमजोर हो चुकी है
- पास में अवैध खनन का मुहाना मौजूद है
ग्रामीणों ने बीसीसीएल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ दिन पहले यहां से हटने का नोटिस दिया गया था, लेकिन पुनर्वास की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई।
प्रशासन क्या कह रहा है?
बीसीसीएल के अधिकारियों ने इस मामले पर सीधी टिप्पणी से परहेज किया है। हालांकि सेफ्टी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है।
प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द निकालना है।
⚠️ बड़ा सवाल
यह हादसा एक बार फिर कई गंभीर सवाल खड़े करता है—
- क्या अवैध खनन पर नियंत्रण नहीं है?
- क्या विस्थापन और सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है?
- आखिर कब रुकेगी कोयलांचल में ऐसी घटनाएं?


