रांची के निजी स्कूलों की ‘फीस डकैती’—आदेश बेअसर, अभिभावक बेहाल
रांची: राजधानी में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। निजी स्कूलों पर मनमानी फीस वसूली के आरोप पहले भी लगते रहे हैं, लेकिन इस बार मामला सीधे प्रशासन की साख से जुड़ गया है। हाल ही में उपायुक्त द्वारा ‘री-एडमिशन फीस’ खत्म करने की घोषणा के बाद अभिभावकों को राहत की उम्मीद जगी थी, मगर अब वही उम्मीद नाराज़गी और असंतोष में बदलती नजर आ रही है।
नाम बदला, बोझ वही
प्रशासन के निर्देश के बाद स्कूलों ने री-एडमिशन फीस तो हटा दी, लेकिन उसकी जगह नए नामों से शुल्क लेना शुरू कर दिया। “एनुअल एक्टिविटी चार्ज” और “इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फीस” जैसे नए हेड्स जोड़ दिए गए हैं। अभिभावकों का कहना है कि खर्च में कोई कमी नहीं आई, सिर्फ नाम बदल गया है।
कॉपियों-किताबों में ‘फिक्स गेम’
स्कूलों द्वारा तय दुकानों से ही कॉपी-किताब खरीदने का दबाव भी बना हुआ है। कई अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल विशेष ‘ब्रांडेड’ कॉपियों का इस्तेमाल अनिवार्य करते हैं, जो सामान्य बाजार में उपलब्ध नहीं होतीं। इससे विकल्प खत्म हो जाता है और कीमतें मनमाने तरीके से वसूली जाती हैं।
सिलेबस में बदलाव का खेल
कुछ स्कूलों में सिलेबस को लेकर भी भ्रम की स्थिति है। पहले पुराने पैटर्न की किताबें खरीदवाई गईं, फिर अचानक नए सिलेबस लागू करने की बात कही गई। इससे अभिभावकों को दोबारा किताबें खरीदनी पड़ रही हैं, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
अभिभावकों की मांग—अब कार्रवाई हो
अभिभावकों का कहना है कि सिर्फ बैठकों और घोषणाओं से समस्या हल नहीं होगी। वे प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं, जैसे:
- हर स्कूल में फीस संरचना सार्वजनिक करना
- पिछले और वर्तमान शुल्क का तुलनात्मक विवरण जारी करना
- नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई
बड़ा सवाल
मामला अब सीधे प्रशासन की प्रभावशीलता पर सवाल खड़ा करता है। क्या निजी स्कूल नियमों से ऊपर हो चुके हैं, या फिर निगरानी व्यवस्था कमजोर पड़ गई है?
जब तक इन सवालों का स्पष्ट जवाब और ठोस कार्रवाई सामने नहीं आती, तब तक रांची के हजारों अभिभावकों के लिए शिक्षा एक जरूरत नहीं, बल्कि बढ़ता हुआ आर्थिक दबाव बनी रहेगी।
-
JPSC के खिलाफ भाजयुमो का बड़ा आंदोलन, 22 जुलाई को आयोग कार्यालय घेराव का ऐलान -
सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर झारखंड कांग्रेस का विरोध, केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप -
सोनम वांगचुक मुद्दे पर JMM का केंद्र सरकार पर निशाना, कहा- लोकतंत्र और संविधान पर हो रहा प्रहार -
बोकारो SP नाथु सिंह मीणा का आधी रात एक्शन, औचक निरीक्षण से पुलिस महकमे में हड़कंप -
रांची यूनिवर्सिटी के खिलाफ डोरंडा कॉलेज के छात्रों का उग्र प्रदर्शन, सड़क जाम कर उठाईं चार बड़ी मांगें -
शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अव्यवस्था पर नाराजगी, सांसद प्रतिनिधि ने दिए सुधार के निर्देश -
FIH महिला हॉकी विश्व कप 2026: सलीमा टेटे बनीं भारतीय टीम की कप्तान, झारखंड की 4 बेटियों का चयन -
किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस, हेमंत सोरेन बोले- स्मार्ट फार्मिंग को मिशन मोड में बढ़ाएं -
कांग्रेस का बाबूलाल मरांडी पर हमला, राकेश सिन्हा बोले- पत्र और प्रेस कॉन्फ्रेंस की राजनीति छोड़िए -
मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय के 3 छात्रों ने NEET-2026 किया पास, हेमंत सोरेन बोले- सपना हो रहा साकार -
मुख्य सचिव के आदेश की अनदेखी? झारखंड के DRDA में अब भी जमे हैं पुराने कर्मी, ट्रेजरी घोटाले के बाद भी नहीं हुआ तबादला -
25 लाख का इनामी माओवादी अजय महतो गिरफ्तार: 240 मामलों का आरोपी, 33 बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड -
JMM-Congress गठबंधन में बढ़ी खींचतान? कांग्रेस कोटे के आयोगों और बोर्डों पर फैसला अटका -
झारखंड में सिर्फ 3 खनिज ब्लॉकों की नीलामी क्यों? बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर उठाए सवाल -
दुमका सांसद विजय हांसदा के विवाह समारोह में मिले CM हेमंत सोरेन और धीरज प्रसाद साहू -
रांची जगन्नाथ रथ यात्रा 2026: 335 साल पुरानी परंपरा का भव्य नजारा, CM हेमंत सोरेन और राज्यपाल ने खींची रथ की डोर -
झारखंड के नवनियुक्त सहायक आचार्यों को बड़ी राहत, 2025-26 का बकाया वेतन जल्द मिलेगा -
रथ यात्रा 2026: CM हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष गंगवार ने दी शुभकामनाएं, सुख-समृद्धि की कामना -
झारखंड सरकार का बड़ा फैसला: राज्य आपदा शमन निधि के लिए 175.40 करोड़ रुपये मंजूर -
गंगा तटीय क्षेत्रों में निर्माण पर सख्ती, बाढ़ से बचाव के लिए झारखंड सरकार का बड़ा प्लान
