SIR पर सियासत गरम, BJP का आरोप-घुसपैठियों को बचा रही सरकार

झारखंड में वोटर लिस्ट पर घमासान, किसका दावा सही?

रांची: झारखंड में SIR (Special Intensive Revision) को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। BJP और सत्तारूढ़ पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।

क्या बोले Aditya Sahu: BJP

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि:

उन्होंने मुख्यमंत्री के उस बयान को भी खारिज किया, जिसमें भाजपा पर आदिवासियों और पिछड़ों के अधिकार छीनने का आरोप लगाया गया था।

SIR क्या है और विवाद क्यों?: BJP

SIR (Special Intensive Revision) चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है, जिसके तहत:

भाजपा का कहना है कि यह सामान्य और जरूरी प्रक्रिया है वहीं सरकार का आरोप है कि इससे कुछ वर्गों को नुकसान हो सकता है

“डेमोग्राफी बदल रही” – BJP का बड़ा आरोप

साहू ने दावा किया कि

उन्होंने कहा कि SIR के जरिए ऐसे फर्जी वोटरों की पहचान जरूरी है।

योजनाओं में गड़बड़ी का भी आरोप

भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि

राजनीतिक संकेत क्या हैं?

झारखंड में SIR को लेकर बढ़ता विवाद साफ संकेत देता है कि आने वाले समय में मतदाता सूची और पहचान की राजनीति और तेज होने वाली है। असली सवाल यही है क्या यह सिर्फ एक प्रशासनिक प्रक्रिया है, या फिर चुनावी रणनीति का हिस्सा?

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