PM Modi 25 Years: 50 मिनट में 19 बार बोले ‘We Will Do It’, कहा- विकसित भारत तक न थकूंगा, न रुकूंगा
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक जीवन में अपने 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर बुधवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। करीब 50 मिनट के संबोधन में उन्होंने अपने राजनीतिक सफर, गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल और प्रधानमंत्री के तौर पर अब तक की यात्रा का उल्लेख किया।
अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने ‘We Will Do It’ यानी ‘हम करके दिखाएंगे’ का नारा बार-बार दोहराया। उन्होंने कहा कि जब तक भारत विकसित नहीं हो जाता, तब तक वह न थकेंगे और न रुकेंगे।
‘मैं Ambition नहीं, Mission के लिए जीता हूं’
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने राजनीतिक सफर को लेकर कहा कि वह महत्वाकांक्षा के बजाय मिशन के लिए जीने वाले व्यक्ति रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके लिए देश के लिए निस्वार्थ कर्म ही जीवन का ध्येय रहा है।
उन्होंने अपने अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि विरोध और कठिन परिस्थितियों ने भी उन्हें सीखने का अवसर दिया। मोदी ने कहा कि 25 वर्षों की यात्रा को केवल उपलब्धियों के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इस बात से देखा जाना चाहिए कि इस दौरान देश कहां पहुंचा।
‘विकसित भारत- We Will Do It’
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने विकसित भारत 2047, दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, आत्मनिर्भर भारत, ओलिंपिक की मेजबानी और अंतरिक्ष क्षेत्र में आगे बढ़ने जैसे लक्ष्यों का जिक्र किया।
इन लक्ष्यों के संदर्भ में उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ ‘We Will Do It’ का नारा दोहराया। उन्होंने कहा कि देश के भीतर मौजूद ऊर्जा और आत्मविश्वास को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
‘अब आराम का समय नहीं’
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के सामने बड़े लक्ष्य हैं और अब आराम करने का समय नहीं है। उन्होंने युवाओं को देश के विकास के लिए मिले अवसर का उपयोग करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी, खेल और उद्योग समेत अलग-अलग क्षेत्रों में भारत को आगे ले जाने के लिए दूरदर्शी नीतियों और निरंतर मेहनत की जरूरत है।
गुजरात से प्रधानमंत्री तक के सफर को किया याद
मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने शुरुआती कार्यकाल को भी याद किया। उन्होंने कहा कि गुजरात पहुंचने के समय उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था का ज्यादा अनुभव नहीं था, लेकिन जनता की शक्ति पर भरोसा था।
उन्होंने कहा कि जनता को साथ लेकर निर्णय लेने और उन्हें लागू करने का प्रयास किया गया। इसी संदर्भ में उन्होंने ‘We Will Do It’ के मंत्र का उल्लेख किया।
’25 साल का आकलन इस बात से होगा कि देश कहां पहुंचा’
प्रधानमंत्री ने कहा कि 25 वर्षों की यात्रा का मूल्यांकन इस आधार पर नहीं होना चाहिए कि वह खुद कहां पहुंचे, बल्कि इस आधार पर होना चाहिए कि देश कहां पहुंचा।
उन्होंने कहा कि भारत में जन्म लेना और देश की सेवा का अवसर मिलना उनके लिए महत्वपूर्ण है। पद और प्रतिष्ठा की तुलना में देश की सेवा को उन्होंने अधिक महत्व देने की बात कही।
खेती और तकनीक समेत कई क्षेत्रों का जिक्र
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में भारत में तकनीक, मोबाइल निर्माण, ऊर्जा और कृषि क्षेत्र में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक समय देश में बिजली कटौती सुर्खियों में रहती थी, जबकि अब सौर ऊर्जा की चर्चा हो रही है।
उन्होंने कृषि क्षेत्र की वृद्धि का भी उल्लेख करते हुए 2015-25 के दशक को लेकर दावा किया कि आजादी के बाद खेती की वृद्धि दर के लिहाज से यह सबसे बेहतर दशकों में रहा है।
25 साल में 7 बार ली शपथ
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों का उल्लेख करते हुए उनके मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में सात बार शपथ लेने की बात भी सामने रखी गई।
भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने भविष्य के लक्ष्यों पर जोर दिया और विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
