
राजधानी रांची के निवारणपुर (चुटिया थाना क्षेत्र) स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रांतीय कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले के मामले में जांच एजेंसियों को अहम सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी सैफ अंसारी को 14 दिनों तक अस्पताल में इलाज के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। रिम्स से फिटनेस सर्टिफिकेट मिलने के बाद चुटिया थाना पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजने का आदेश दिया गया। अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है।
हाजत से फरार होने के बाद मुठभेड़ में लगी थी गोली
पुलिस के अनुसार सैफ अंसारी को 18 जून को गिरफ्तार किया गया था। उसे रांची के कोतवाली थाना की हाजत में रखा गया था, जहां से वह फरार हो गया था। बाद में पुलिस ने चान्हो क्षेत्र में उसे दोबारा पकड़ लिया। गिरफ्तारी के दौरान हुई मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी थी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए रिम्स में भर्ती कराया गया था।
पूछताछ में कई अहम खुलासे
जेल भेजे जाने से पहले पूछताछ के दौरान सैफ अंसारी ने कई महत्वपूर्ण दावे किए। उसने बताया कि RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने के बदले उसे 50 हजार रुपये देने का वादा किया गया था, लेकिन घटना के बाद उसे सिर्फ 5 हजार रुपये ही मिले।
मुख्य आरोपी के कहने पर वारदात का दावा
सैफ अंसारी ने पूछताछ में दावा किया कि उसने यह पूरी वारदात मुख्य आरोपी अमन अंसारी के कहने पर अंजाम दी थी। फिलहाल पुलिस और NIA उसके बयानों की सत्यता की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि रिमांड के दौरान पूछताछ से मामले से जुड़े अन्य लोगों और पूरे षड्यंत्र के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
नोट: आरोपी द्वारा पूछताछ में किए गए दावे जांच का हिस्सा हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है।



