
हजारीबाग में NIA की 7 घंटे तक छापेमारी, प्रदीप साहू बोले- घर से कुछ नहीं मिला, मोबाइल और मशीन ले गई टीम
हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की छापेमारी के बाद अब संबंधित परिवार का पक्ष सामने आया है। बाबा पथ स्थित सुभाष बारला गली में बुधवार सुबह करीब 4 बजे पहुंची NIA की टीम ने लगभग सात घंटे तक तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के बाद प्रदीप कुमार साहू और उनकी पत्नी ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि जांच के दौरान उनके घर से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
प्रदीप कुमार साहू के मुताबिक, NIA की टीम ने घर के ऊपरी और निचले हिस्से के साथ-साथ अलग-अलग कमरों और कोनों की बारीकी से तलाशी ली। इस दौरान अधिकारियों ने उनसे मोबाइल फोन और अन्य सामान के बारे में पूछताछ की। परिवार का दावा है कि तलाशी के बाद टीम कुछ मोबाइल फोन और प्रिंटर या स्कैनर जैसी एक मशीन अपने साथ ले गई। हालांकि, परिवार को यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इन सामानों को किस आधार पर अपने कब्जे में लिया गया है।
उदय साव से रिश्तेदारी स्वीकार, अलग रहने की बात कही
मीडिया से बातचीत के दौरान प्रदीप साहू और उनकी पत्नी ने उदय साव से रिश्तेदारी की बात स्वीकार की। हालांकि, उन्होंने बताया कि दोनों दूर के रिश्तेदार हैं और उनके घर अलग-अलग जगहों पर हैं। परिवार के अनुसार, उदय साव का उनके घर से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि वे पिछले तीन-चार वर्षों से बाबा पथ स्थित मकान में रह रहे हैं।
परिवार ने नकली नोट बनाने के आरोपों से किया इनकार
परिवार ने घर की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के साथ-साथ बेटी की शादी के लिए भी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदीप साहू और उनकी पत्नी ने घर में नकली नोट बनाने या किसी अन्य गलत गतिविधि में शामिल होने से इनकार किया। उनका दावा है कि उनके खिलाफ पहले से कोई आपराधिक मामला भी लंबित नहीं है।
NIA अधिकारी ने कार्रवाई पर टिप्पणी करने से किया इनकार
छापेमारी के बाद जब मीडियाकर्मियों ने NIA के एक अधिकारी से कार्रवाई और जांच के कारणों के बारे में सवाल किए, तो उन्होंने कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया। अधिकारी ने कहा कि वे इस मामले में आधिकारिक बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं।
गौरतलब है कि बुधवार सुबह बाबा पथ की सुभाष बारला गली में NIA की दो टीमों ने दो रिश्तेदारों के घरों पर तलाशी ली थी। एक घर में जांच पूरी करने के बाद टीम वहां से निकल गई, जबकि दूसरे घर में भी दस्तावेजों और अन्य सामान की जांच की गई।
फिलहाल NIA की छापेमारी के पीछे की वजह, जब्त किए गए सामान का पूरा विवरण और जांच की दिशा स्पष्ट नहीं है। प्रदीप साहू के परिवार की ओर से लगाए गए दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में NIA की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरी कार्रवाई की तस्वीर साफ हो सकेगी।



