बकरी चराने गई महिला पर सियार का हमला, चेहरे को किया जख्मी; बोकारो के गांवों में डर
बोकारो के जरीडीह प्रखंड के आरजू गांव में बकरी चराने गई शांति देवी पर सियार ने हमला कर दिया। चेहरे पर गंभीर चोट के बाद जरीडीह, कसमार, पेटरवार, गोमिया और चंद्रपुरा के ग्रामीणों में चिंता बढ़ी।

बोकारो में सियारों का आतंक! बकरी चराने गई महिला पर हमला, चेहरे पर आई गंभीर चोट; ग्रामीणों में दहशत
बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले के ग्रामीण इलाकों में सियारों के हमले की घटनाओं से लोगों में डर का माहौल है। जंगल और आसपास के क्षेत्रों में बकरी व मवेशी चराने जाने वाले ग्रामीणों पर सियारों के हमले की खबरें सामने आ रही हैं। ताजा मामला जरीडीह प्रखंड के बेलडीह पंचायत अंतर्गत आरजू गांव का है। यहां बकरी चराने जंगल गई शांति देवी पर सियार ने अचानक हमला कर दिया। हमले में उनके चेहरे पर गंभीर चोट आई है।
ग्रामीणों के अनुसार, बोकारो के जरीडीह, कसमार, पेटरवार, गोमिया और चंद्रपुरा प्रखंड के कई ग्रामीण इलाकों में सियारों की गतिविधियों और हमलों को लेकर चिंता बढ़ी है। जंगल के आसपास रहने वाले लोग खासकर महिलाएं और पशुपालक अब बकरी व मवेशी चराने के लिए बाहर जाने से डर रहे हैं।
अचानक हमले से ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
ग्रामीणों का कहना है कि सियार अचानक लोगों पर हमला कर रहे हैं। ऐसे में किसी को संभलने या बचाव करने का मौका तक नहीं मिल पा रहा है। जंगल के आसपास रहने वाले परिवारों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बन गई है।
खासकर वे महिलाएं और ग्रामीण अधिक चिंतित हैं, जो रोजाना अपने मवेशियों और बकरियों को चराने के लिए जंगल या खुले इलाकों में जाते हैं। लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए, तो ऐसी घटनाएं आगे भी हो सकती हैं।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं सियारों के हमले?
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच यह सवाल उठ रहा है कि सियार इंसानों पर हमला क्यों कर रहे हैं। क्या इसके पीछे जंगलों में भोजन और पानी की कमी, प्राकृतिक आवास में बदलाव या कोई अन्य वजह है? फिलहाल इन संभावित कारणों की पुष्टि नहीं हुई है। वास्तविक स्थिति वन विभाग की जांच और विशेषज्ञों की जानकारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
वन विभाग से निगरानी और सुरक्षा बढ़ाने की मांग
लगातार सामने आ रही घटनाओं को देखते हुए ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की मांग की है। ग्रामीण चाहते हैं कि सियारों की गतिविधियों का पता लगाकर लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं, ताकि जंगल और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को राहत मिल सके।
फिलहाल आरजू गांव में शांति देवी पर हुए हमले के बाद आसपास के ग्रामीण इलाकों में चिंता बढ़ गई है। अब ग्रामीणों की नजर वन विभाग की कार्रवाई पर है।


