जल जीवन मिशन के 6,500 करोड़ के लिए दिल्ली पहुंचे मंत्री योगेंद्र महतो, केंद्र के सामने उठाएंगे झारखंड का मुद्दा

जल जीवन मिशन पर झारखंड का बड़ा दावा, 6,500 करोड़ लंबित; मंत्री योगेंद्र महतो दिल्ली रवाना

जल जीवन मिशन के 6,500 करोड़ के लिए दिल्ली पहुंचे मंत्री योगेंद्र महतो, केंद्र के सामने उठाएंगे झारखंड का मुद्दा

Ranchi: झारखंड में ग्रामीण क्षेत्रों तक हर घर नल से पानी पहुंचाने की योजना को गति देने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र के समक्ष लंबित राशि का मुद्दा उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो दो दिवसीय दिल्ली दौरे पर हैं। इस दौरान वे जल जीवन मिशन के तहत झारखंड को मिलने वाली लंबित राशि को जल्द जारी करने की मांग केंद्र सरकार के सामने रखेंगे।

राज्य सरकार के अनुसार, जल जीवन मिशन के तहत झारखंड की करीब 6,500 करोड़ रुपये की राशि केंद्र स्तर पर लंबित है। सरकार का कहना है कि इस राशि के मिलने से राज्य में ग्रामीण पेयजल योजनाओं के काम को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।

1 और 2 सितंबर को होगी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

नई दिल्ली में 1 और 2 सितंबर को राज्यों के साथ जल जीवन मिशन की प्रगति को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में राज्यों में हर घर नल जल योजना की प्रगति, योजनाओं के क्रियान्वयन, सामने आ रही चुनौतियों और राज्यों की जरूरतों पर चर्चा होने की संभावना है।

झारखंड सरकार की ओर से बैठक में राज्य में जल जीवन मिशन की वर्तमान स्थिति के साथ केंद्र के पास लंबित राशि का मुद्दा प्रमुखता से उठाने की तैयारी है।

6,500 करोड़ की राशि जारी होने से योजनाओं को मिलेगी रफ्तार

राज्य सरकार का मानना है कि लंबित राशि जारी होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल से जुड़ी अधूरी योजनाओं को पूरा करने में तेजी आएगी। इसके अलावा पाइपलाइन बिछाने, जलापूर्ति व्यवस्था विकसित करने और घर-घर नल कनेक्शन उपलब्ध कराने के कार्यों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जल जीवन मिशन को महत्वपूर्ण योजना माना जा रहा है।

केंद्र के सामने झारखंड की जरूरतों को रखेंगे मंत्री

मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो के दिल्ली दौरे को इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक के दौरान राज्य सरकार की ओर से लंबित भुगतान, योजनाओं की प्रगति और भविष्य की जरूरतों से केंद्र को अवगत कराया जाएगा।

राज्य सरकार की कोशिश है कि केंद्र से लंबित राशि जल्द प्राप्त हो, ताकि झारखंड में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों को वित्तीय बाधाओं से बाहर निकालकर तेजी से पूरा किया जा सके।

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