पाकुड़ में बाबूलाल मरांडी का बड़ा दावा, ‘घुसपैठियों’ के नाम मतदाता सूची से हटाए निर्वाचन आयोग
Pakur: झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने शनिवार को पाकुड़ में प्रेस वार्ता कर संथाल परगना में कथित डेमोग्राफिक बदलाव और बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा उठाया। उन्होंने निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची की विशेष जांच कराने और उनके दावे के अनुसार अपात्र लोगों के नाम हटाने की मांग की।
मरांडी ने पाकुड़, लिट्टीपाड़ा और महेशपुर विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में हुई वृद्धि का हवाला देते हुए इसे जांच का विषय बताया। उन्होंने पुराने चुनावी रिकॉर्ड और खतियान समेत उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची का तकनीकी सत्यापन कराने की मांग की।
मतदाता संख्या में बढ़ोतरी पर उठाए सवाल
बाबूलाल मरांडी ने दावा किया कि वर्ष 2019 से 2024 के बीच संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में हुई वृद्धि सामान्य नहीं है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची की जांच कर यह पता लगाने की मांग की कि सूची में शामिल सभी नाम पात्र और वैध हैं या नहीं।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का सत्यापन निष्पक्ष तरीके से होना चाहिए और यदि जांच में कोई अपात्र या फर्जी नाम सामने आता है तो नियमानुसार उसे हटाया जाना चाहिए।
हालांकि, मरांडी द्वारा लगाए गए बांग्लादेशी घुसपैठ और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।
SPT एक्ट और जमीन के मामलों पर भी सवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने संथाल परगना में संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम (SPT Act) से जुड़े मामलों को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी वंशावली और प्रमाण पत्रों के जरिए आदिवासी एवं सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं।
मरांडी ने प्रशासन से पुराने दस्तावेजों, खतियान और संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर ऐसे मामलों की जांच कराने की मांग की।
अवैध खनन को लेकर सरकार पर निशाना
प्रेस वार्ता के दौरान बाबूलाल मरांडी ने MMDR Act और राज्य की खनिज नीति को लेकर भी झारखंड सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बालू घाटों और पत्थर खदानों की पारदर्शी नीलामी नहीं होने से अवैध खनन और खनिज तस्करी को बढ़ावा मिल रहा है।
उन्होंने अवैध खनन से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही कहा कि संथाल परगना में कथित डेमोग्राफिक बदलाव के मुद्दे की व्यापक और निष्पक्ष जांच होने पर वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
निर्वाचन आयोग से जांच की मांग
बाबूलाल मरांडी ने निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची का विशेष सत्यापन कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में शामिल प्रत्येक नाम की पात्रता की जांच जरूरी है और यदि किसी व्यक्ति का नाम नियमों के विपरीत पाया जाता है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
