Nepal Flash Flood: नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। नेपाल में अब तक 157 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं। चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
इस प्राकृतिक आपदा के बीच रांची के कोकर निवासी 41 वर्षीय रामप्रसाद घोष के लापता होने की खबर से परिवार की चिंता बढ़ गई है। परिजन लगातार उनकी जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
अप्रैल में काम के सिलसिले में नेपाल गए थे रामप्रसाद: Nepal Flash Flood
जानकारी के अनुसार, रामप्रसाद घोष इसी वर्ष अप्रैल में काम के सिलसिले में नेपाल गए थे। वह काठमांडू क्षेत्र में स्थित अपर त्रिशूली बेसरा में एक निजी कंपनी एंडीज हाइड्रो पावर में एडमिन पद पर कार्यरत बताए गए हैं। परिजनों के मुताबिक रामप्रसाद से आखिरी बार 25 अगस्त की रात फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद उनका मोबाइल संपर्क नहीं हो पाया। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन की खबर सामने आने के बाद से ही रांची स्थित उनके परिवार में चिंता का माहौल है। परिजनों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्र में संचार व्यवस्था बाधित होने के कारण रामप्रसाद से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
नेपाल-तिब्बत सीमा पर तबाही: Nepal Flash Flood
बाढ़ और मलबे के तेज बहाव ने नेपाल के कई इलाकों में सड़क, पुल, मकान और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक हिमालयी क्षेत्र में बर्फ और चट्टानों के बड़े पैमाने पर खिसकने से अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बनी। नेपाल के प्रभावित इलाकों में बचाव दल, सुरक्षा बल और हेलीकॉप्टरों की मदद से राहत अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि कई जगह सड़कें और पुल बह जाने के कारण राहत टीमों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में मुश्किल हो रही है।
सैकड़ों पर्यटक और विदेशी नागरिक भी लापता
आपदा से प्रभावित इलाके पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। रिपोर्टों के अनुसार सैकड़ों पर्यटक लापता हैं, जिनमें बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की है। भारत के नागरिकों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। इधर, रामप्रसाद घोष के परिजन सरकार और संबंधित एजेंसियों से उनकी तलाश में मदद की अपील कर रहे हैं। परिवार को उम्मीद है कि राहत और बचाव अभियान के दौरान जल्द ही रामप्रसाद की जानकारी मिल सकेगी।
