एल ख्यांग्ते, अभय तिवारी समेत आरोपियों की बेल पर सुनवाई, CID ने कोर्ट में दी 1000 पेज की डायरी

JPSC केस में बड़ा अपडेट! CID ने दी 1000 पेज की डायरी

JPSC परीक्षा अनियमितता केस: एल ख्यांग्ते, अभय तिवारी समेत आरोपियों की बेल पर सुनवाई, CID ने पेश की 1000 पन्नों की केस डायरी

Ranchi: JPSC परीक्षा में कथित अनियमितता के मामले में मंगलवार को आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई। राज्य के पूर्व मुख्य सचिव और JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते, JPSC की परीक्षा नियंत्रक स्वेता गुप्ता, अभय तिवारी, सौरभ सुमन और अरविंद कुमार की बेल याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान CID ने अदालत में करीब 1000 पन्नों की केस डायरी प्रस्तुत की।

CID ने केस डायरी में आरोपियों की कथित भूमिका, अब तक सामने आए साक्ष्यों और जांच के दौरान मिले अन्य तथ्यों का विवरण दिया है। केस डायरी का अवलोकन करने के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई अगले मंगलवार निर्धारित की है।

24 से ज्यादा आरोपी गिरफ्तार

CID के मुताबिक JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर कांड संख्या 16/2026 दर्ज किया गया है। जांच के दौरान अब तक 24 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।

आरोपियों में JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते, परीक्षा नियंत्रक स्वेता गुप्ता और अभय तिवारी समेत कई अन्य लोग शामिल हैं। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में बताए जा रहे हैं।

एल. ख्यांग्ते पर क्या आरोप?

जांच एजेंसी की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, एल. ख्यांग्ते पर परीक्षा से जुड़ी एजेंसियों से कथित तौर पर कमीशन के रूप में रकम लेने का आरोप है। वहीं अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर भी CID ने अपनी केस डायरी में साक्ष्यों का उल्लेख किया है।

हालांकि, इन आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और आरोपी तब तक दोषी नहीं माने जा सकते, जब तक अदालत में आरोप साबित नहीं हो जाते।

अभय तिवारी और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच

CID की जांच में अभय तिवारी और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के केंद्र में है। एजेंसी का दावा है कि जांच के दौरान मिले तथ्यों और पूछताछ से परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े कई पहलुओं की जानकारी सामने आई है।

अब अदालत द्वारा केस डायरी के अध्ययन और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिकाओं पर फैसला लिया जाएगा।

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