MGNREGA का नया अवतार ‘जी-राम-जी’: खट्टर बोले- मांग नहीं, अब जरूरत के हिसाब से मिलेगा काम

रांची: केंद्र सरकार ग्रामीण विकास की तस्वीर बदलने के लिए ‘जी-राम-जी’ (G-RAM-G) अधिनियम 2025 लेकर आई है, जो पुराने मनरेगा (MGNREGA) सिस्टम की कमियों को दूर करेगा। यह बात केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर ने रांची में आयोजित भाजपा की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए योजनाओं को भ्रष्टाचार मुक्त और आधुनिक बनाना जरूरी है।

मांग नहीं, आवश्यकता ही आधार

मनोहर लाल खट्टर ने अधिनियम की सबसे बड़ी खूबी बताते हुए कहा कि अब तक काम ‘मांग आधारित’ (Demand Based) था, जिससे कई बार गैर-जरूरी काम करवाए जाते थे और सरकारी पैसे की बर्बादी होती थी। नया अधिनियम ‘आवश्यकता आधारित’ (Need Based) है। अब गांव की वास्तविक जरूरतों के हिसाब से ही योजनाएं बनेंगी, जिससे गांव का ढांचागत विकास होगा।

काम के दिन बढ़े, मिलेगा बेरोजगारी भत्ता

मजदूरों के लिए खुशखबरी देते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि नए कानून के तहत वार्षिक रोजगार गारंटी को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। साथ ही, समय पर भुगतान और काम न मिलने की स्थिति में ‘बेरोजगारी भत्ता’ देने का प्रावधान भी कड़ाई से लागू किया जाएगा।

AI और GPS से रुकेगा भ्रष्टाचार

विपक्ष शासित राज्यों (झारखंड, बंगाल, पंजाब) में मनरेगा में हुए घोटालों का जिक्र करते हुए खट्टर ने कहा कि पुराने सिस्टम में डिजिटल टैगिंग न होने से खूब गबन हुआ। अब नए नियम में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और GPS आधारित निगरानी होगी। योजनाओं का साप्ताहिक ब्यौरा सार्वजनिक किया जाएगा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

कांग्रेस पर वार: गांधी के नाम से प्यार, काम से नहीं

कार्यशाला में प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष को केवल ‘गांधी’ सरनेम से प्यार है, उनके आदर्शों से नहीं। रामराज्य लाने के लिए गांधी के ग्राम स्वराज के रास्ते पर चलना होगा, जो मोदी सरकार कर रही है। वहीं, सांसद आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार की जननी है, इसलिए वह पारदर्शिता लाने वाले इस कानून का विरोध कर रही है।

 

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