लोकपाल से Nishikant Dubey को बड़ी राहत: कांग्रेस पर बरसे भाजपा सांसद, कहा- ‘मेरा मुंह बंद नहीं हो सकता’

लोकपाल द्वारा आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को खारिज किए जाने के बाद भाजपा सांसद Nishikant Dubey ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करना जारी रखेंगे और कांग्रेस के “काले कारनामों” को उजागर करते रहेंगे।

 

क्या है पूरा मामला?

झारखंड के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे और उनके परिवार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) की शिकायत दर्ज कराई गई थी। पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने 2009 से 2024 के चुनावी हलफनामों का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी की संपत्ति में बेतहाशा वृद्धि हुई है।

 

लोकपाल का फैसला: ‘शिकायत आधारहीन और राजनीतिक’

 

जस्टिस ए. एम. खानविलकर की अध्यक्षता वाली लोकपाल की पीठ ने 134 पन्नों के अपने विस्तृत आदेश (13 जनवरी 2026) में निम्नलिखित बातें कहीं:

आरोप खारिज: लोकपाल ने इन आरोपों को ‘सारहीन’ (Devoid of merit), ‘ओछा’ और ‘परेशान करने वाला’ बताते हुए पूरी तरह खारिज कर दिया।

क्षेत्राधिकार: पीठ ने कहा कि शिकायत प्राथमिक तौर पर सांसद की पत्नी को लक्षित थी, जबकि लोकपाल के दायरे में केवल लोक सेवक आते हैं। साथ ही, संपत्ति में वृद्धि का कारण बाजार मूल्य में उछाल बताया गया।

राजनीतिक प्रतिशोध: लोकपाल ने माना कि यह शिकायत राजनीतिक द्वेष या व्यक्तिगत दुश्मनी से प्रेरित थी।

 

निशिकांत दुबे का तीखा पलटवार

 

फैसले के बाद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया के माध्यम से कांग्रेस पर हमला बोला:

1. “मेरा मुंह बंद नहीं हो सकता”: उन्होंने कहा कि वे भाजपा के साधारण कार्यकर्ता हैं और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कांग्रेस के भ्रष्टाचार को उजागर करना उनका कर्तव्य है।

2. कानूनी कार्रवाई की चेतावनी: लोकपाल ने दुबे को उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के लिए शिकायतकर्ता के खिलाफ मानहानि या उत्पीड़न का मुकदमा दायर करने की छूट दी है। सांसद ने कहा कि वे इस पर विचार करेंगे।

3. सत्यमेव जयते: उन्होंने अपनी पोस्ट का अंत ‘सत्यमेव जयते’ के साथ करते हुए इसे सत्य की जीत बताया।

 

 

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