JSSC पेपर लीक मामला, CBI जांच की मांग तेज, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन- BJP

झारखंड में फिर पेपर लीक! BJP ने उठाए बड़े सवाल, CBI जांच की मांग

झारखंड में एक बार फिर परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। Jharkhand Staff Selection Commission द्वारा आयोजित उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक के मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस पूरे मामले को लेकर BJP ने राज्यपाल से CBI जांच की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा है।

क्या है पूरा मामला?: BJP

12 अप्रैल 2026 को आयोजित उत्पाद सिपाही परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की बात सामने आई है। तमाड़ क्षेत्र के एक निर्माणाधीन भवन में कथित तौर पर परीक्षा माफियाओं द्वारा अभ्यर्थियों को प्रश्नों के उत्तर रटवाने का मामला उजागर हुआ। इस दौरान 150 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी, कंप्यूटर, प्रिंटर, लैपटॉप, संदिग्ध प्रश्नपत्र और कई वाहनों की बरामदगी ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। बताया जा रहा है कि अभ्यर्थियों से एडमिट कार्ड और मोबाइल फोन तक जब्त कर लिए गए थे, और प्रति अभ्यर्थी 15 लाख रुपये तक की डील की बात भी सामने आई है।

लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर: BJP

राज्य के 8 जिलों में 370 परीक्षा केंद्रों पर 583 पदों के लिए यह परीक्षा आयोजित हुई थी, जिसमें करीब 1.48 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब एक जगह इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है, तो क्या अन्य केंद्रों पर भी इसी तरह की गड़बड़ियां हुई होंगी?

JSSC के रुख पर सवाल: BJP

इतने बड़े खुलासों और गिरफ्तारियों के बावजूद Jharkhand Staff Selection Commission द्वारा पेपर लीक से इनकार किया जा रहा है। इसी को लेकर विपक्ष का कहना है कि “दाल में कुछ काला जरूर है” और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

पहले भी लगे हैं पेपर लीक के आरोप: BJP

झारखंड में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी Jharkhand Public Service Commission और अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ियों के आरोप लगते रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि बार-बार हो रहे पेपर लीक से राज्य के युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

CBI जांच की मांग क्यों?

बीजेपी का कहना है कि राज्य की जांच एजेंसियों पर भरोसा नहीं रह गया है, इसलिए इस मामले की उच्चस्तरीय जांच Central Bureau of Investigation से कराई जानी चाहिए। पार्टी ने मांग की है कि:

युवाओं में आक्रोश, सरकार पर सवाल

इस पूरे मामले ने झारखंड के लाखों युवाओं में आक्रोश पैदा कर दिया है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों का कहना है कि बार-बार पेपर लीक से उनकी मेहनत बेकार हो रही है। उत्पाद सिपाही परीक्षा का यह मामला सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस मामले की जांच Central Bureau of Investigation को सौंपी जाती है या नहीं। राज्य के लाखों युवाओं को अब एक ही उम्मीद है निष्पक्ष जांच और न्याय।

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