JPSC-JSSC Protest: पलामू में BJP प्रदर्शन के दौरान दीपक प्रकाश और SDPO में तीखी बहस, बढ़ा तनाव

JPSC-JSSC धांधली के खिलाफ पलामू में BJP का प्रदर्शन, दीपक प्रकाश और SDPO राजेश यादव में तीखी बहस

पलामू: JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से झारखंड के अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन किया जा रहा है। पलामू समाहरणालय के सामने बुधवार को आयोजित प्रदर्शन के दौरान उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब पूर्व राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश और सदर SDPO राजेश यादव के बीच तीखी बहस हो गई।

घटना के बाद मौके पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। उस समय पलामू सांसद विष्णुदयाल राम मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।

समाहरणालय का गेट बंद होने पर बढ़ी कहासुनी

जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान सदर SDPO राजेश यादव अपने कार्यालय जाने के लिए समाहरणालय पहुंचे। मुख्य गेट बंद होने के कारण उन्होंने गेट खुलवाने का प्रयास किया।

इसी दौरान गेट पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ उनकी कहासुनी हो गई। मामला बढ़ता देख पूर्व सांसद दीपक प्रकाश भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद दीपक प्रकाश और SDPO राजेश यादव के बीच भी तीखी बहस हुई।

स्थिति बिगड़ती देख SDPO को दूसरे रास्ते से अपने कार्यालय जाना पड़ा।

भाजपा ने पुलिस पर लगाया दुर्व्यवहार का आरोप

घटना को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष अमित तिवारी ने पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रही थी।

अमित तिवारी ने आरोप लगाया कि रांची में आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उसी तरह का रवैया पलामू में भी प्रदर्शनकारियों के साथ अपनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पुलिस लाठी और ताकत के बल पर भाजपा कार्यकर्ताओं की आवाज दबाने की कोशिश नहीं कर सकती।

JPSC-JSSC मामले को लेकर जारी है राजनीतिक प्रदर्शन

JPSC, JSSC और CGL परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर भाजपा लगातार राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रही है। पार्टी की ओर से दोषियों की गिरफ्तारी, मामले की CBI जांच और छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने जैसी मांगें उठाई जा रही हैं।

पलामू में प्रदर्शन के दौरान हुए विवाद के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

नोट: पुलिस और भाजपा नेताओं के बीच विवाद से जुड़े आरोप संबंधित पक्षों के बयानों पर आधारित हैं। घटना के सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

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