आंदोलन स्थगित होने पर संगठन में रार, केंद्रीय नेतृत्व के खिलाफ पुलिसकर्मियों में नाराजगी

झारखंड पुलिस एसोसिएशन में आंदोलन स्थगित करने पर विवाद, केंद्रीय नेतृत्व के फैसले से नाराज पुलिसकर्मी

रांची: डुमरी विधायक जयराम महतो और बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के बीच कथित ऑडियो वायरल होने के बाद शुरू हुआ विवाद अब झारखंड पुलिस एसोसिएशन के भीतर भी चर्चा का विषय बन गया है। एसोसिएशन की ओर से 8 सितंबर से प्रस्तावित चरणबद्ध आंदोलन को अगले आदेश तक स्थगित किए जाने के बाद संगठन के कुछ सदस्यों में नाराजगी की बात सामने आ रही है।

एसोसिएशन ने पहले प्रेस वार्ता कर विधायक जयराम महतो की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया था। हालांकि, झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन के बाद एसोसिएशन ने आंदोलन स्थगित करने का फैसला लिया।

केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर उठे सवाल

आंदोलन स्थगित होने के बाद एसोसिएशन के कुछ सदस्यों ने केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर सवाल उठाए हैं। नाराज पुलिसकर्मियों के बीच यह चर्चा भी है कि जयराम महतो के समर्थकों और एसोसिएशन के शीर्ष नेतृत्व के बीच किसी तरह का समझौता हुआ है।

हालांकि, इस तरह के किसी समझौते की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। एसोसिएशन के कुछ सदस्यों ने नेतृत्व की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो पदाधिकारी पहले पुलिसकर्मियों के मान-सम्मान, स्वाभिमान और वेलफेयर की बात कर रहे थे, आंदोलन स्थगित होने के बाद उनके फैसले पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अनदेखी का आरोप

कुछ कनीय पुलिस पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि आंदोलन स्थगित करने से पहले आम सदस्यों से पर्याप्त विचार-विमर्श नहीं किया गया। उनका कहना है कि इतने बड़े आंदोलन को लेकर शाखा या इकाई स्तर पर आमसभा भी नहीं बुलाई गई।

नाराज सदस्यों के मुताबिक, करीब 14 हजार कार्यरत कनीय पुलिस पदाधिकारियों के मान-सम्मान और स्वाभिमान से जुड़े मुद्दे पर अचानक आंदोलन स्थगित करने से संगठन की कार्यप्रणाली और प्रतिष्ठा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रदेश अध्यक्ष राहुल मुर्मू ने क्या कहा?

झारखंड पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राहुल मुर्मू ने आंदोलन स्थगित करने के फैसले पर कहा कि फिलहाल शोक का समय है। इसी वजह से आंदोलन को अगले आदेश तक स्थगित किया गया है।

वहीं, जयराम महतो के समर्थकों और एसोसिएशन के बीच किसी समझौते के सवाल पर राहुल मुर्मू ने कहा कि आरोप कोई भी किसी पर लगा सकता है। उन्होंने कहा कि दशकर्म के बाद आंदोलन को लेकर आगे विचार-विमर्श किया जाएगा।

आगे क्या होगा?

अब नजर इस बात पर है कि दशकर्म के बाद झारखंड पुलिस एसोसिएशन आंदोलन को दोबारा शुरू करता है या नहीं। फिलहाल संगठन के भीतर आंदोलन स्थगित करने के फैसले को लेकर मतभेद और चर्चाओं का दौर जारी है।

नोट: इस खबर में एसोसिएशन के कुछ सदस्यों की ओर से लगाए गए आरोपों को उनके दावों के आधार पर प्रस्तुत किया गया है। किसी कथित समझौते की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

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