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NEET परीक्षा पर JMM का बड़ा हमला, वायुसेना से परीक्षा कराने पर उठाए सवाल, शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग

NEET अभ्यर्थियों की आत्महत्या का मुद्दा भी उठाया

NEET परीक्षा पर गरमाई सियासत: JMM ने वायुसेना की भूमिका पर उठाए सवाल, केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा

Ranchi: NEET-UG 2026 परीक्षा संपन्न होने के बाद अब इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने परीक्षा संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्रालय पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि परीक्षा के संचालन में भारतीय वायुसेना की मदद लेना देश की शिक्षा व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी होती, तो इस तरह सैन्य संसाधनों की जरूरत नहीं पड़ती।

NTA और शिक्षा मंत्रालय पर निशाना

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय स्तर की कई परीक्षाओं को लेकर लगातार विवाद सामने आते रहे हैं। ऐसे में NTA की कार्यशैली और शिक्षा मंत्रालय की निगरानी पर गंभीर सवाल उठना स्वाभाविक है।

उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने में विफल रहने की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।

NEET अभ्यर्थियों की आत्महत्या का मुद्दा भी उठाया

झामुमो नेता ने NEET परीक्षा से जुड़े छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं का भी जिक्र करते हुए केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं का बढ़ता दबाव, अनिश्चितता और परीक्षा व्यवस्था में लगातार पैदा हो रहे विवाद छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रहे हैं।

उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार इस विषय पर संवेदनशीलता दिखाए और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए।

शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा को लेकर लगातार उठ रहे सवाल शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता को दर्शाते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और छात्र हितैषी बनाने की मांग की।

गौरतलब है कि NEET-UG परीक्षा को लेकर हाल के दिनों में कई राज्यों में सुरक्षा, परीक्षा प्रबंधन और छात्रों पर बढ़ते दबाव को लेकर बहस तेज हुई है, जिसके बीच झामुमो का यह बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।

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